नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन: 50 साल बाद फिर चंद्रमा की ओर रवाना होंगे इंसान, आज होगा लॉन्च
नासा आज 1 अप्रैल 2026 को अपना ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन लॉन्च करने जा रहा है. इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाकर वापस धरती पर लौटेंगे, जो 1972 के अपोलो मिशन के बाद मानव जाति की पहली चंद्र यात्रा होगी.
केनेडी स्पेस सेंटर: अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आज एक नया इतिहास रचने जा रहा है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) अपने 'आर्टेमिस II' मिशन ('Artemis II' Mission) को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है. फ्लोरिडा (Florida) के केनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center) के लॉन्च पैड 39B से बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को यह मिशन उड़ान भरेगा. 1972 में अपोलो 17 (Apollo 17 Mission) के बाद यह पहला मौका है जब इंसान चंद्रमा की कक्षा की यात्रा पर निकलेंगे. इस 10 दिवसीय मिशन के लिए लॉन्च विंडो भारतीय समयानुसार तड़के 3:54 बजे खुलेगी. मौसम वैज्ञानिकों ने लॉन्च के लिए 80 प्रतिशत अनुकूल परिस्थितियों का अनुमान जताया है. यह भी पढ़ें: NASA Artemis II Moon Mission 2026: 6 मार्च को लॉन्च होगा आर्टेमिस II, 50 साल बाद चांद के करीब जाएंगे इंसान
मिशन का उद्देश्य और यात्रा का खाका
आर्टेमिस II एक महत्वपूर्ण 'फ्लाइट टेस्ट' है, जिसका मुख्य उद्देश्य ओरियन अंतरिक्ष यान के लाइफ-सपोर्ट सिस्टम की जांच करना है. यह मिशन 'फ्री-रिटर्न प्रक्षेपवक्र' (Free-return trajectory) का पालन करेगा। 322 फीट ऊंचे 'स्पेस लॉन्च सिस्टम' (SLS) रॉकेट पर सवार होकर अंतरिक्ष यात्री पहले 24 घंटे पृथ्वी की ऊंची कक्षा में बिताएंगे.
सभी प्रणालियों की जांच के बाद, यान चंद्रमा की ओर बढ़ेगा और उसकी सतह से लगभग 4,700 मील ऊपर से गुजरेगा. चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण स्वाभाविक रूप से कैप्सूल को वापस पृथ्वी की ओर धकेलेगा, जिसके बाद यह प्रशांत महासागर में स्पलैशडाउन (लैंड) करेगा.
ऐतिहासिक चालक दल (The Crew)
इस मिशन में चार अनुभवी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो अंतरिक्ष इतिहास में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे:
- रीड वाइसमैन (कमांडर): नासा के अनुभवी और पूर्व अमेरिकी नौसेना परीक्षण पायलट.
- विक्टर ग्लोवर (पायलट): वे पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे यात्रा करने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति बनेंगे.
- क्रिस्टीना कोच (मिशन विशेषज्ञ): एक महिला द्वारा सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष उड़ान का रिकॉर्ड रखने वाली इंजीनियर.
- जेरेमी हैनसन (मिशन विशेषज्ञ): कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के सदस्य और चंद्रमा की ओर जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी.
लॉन्च की अंतिम तैयारियां
बुधवार सुबह से ही फ्लाइट कंट्रोलर्स ने एसएलएस (SLS) मेगा-रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान को अंतिम तकनीकी सत्यापन के लिए सक्रिय कर दिया है. इंजीनियरिंग टीमें क्रायोजेनिक प्रणालियों की निगरानी कर रही हैं, जिसमें लाखों गैलन सुपर-कूल्ड तरल ऑक्सीजन और हाइड्रोजन को रॉकेट में भरा जाना शामिल है. नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित क्षत्रिय ने पुष्टि की है कि मिशन के लिए सभी हार्डवेयर, सिस्टम और क्रू पूरी तरह से तैयार हैं. यह भी पढ़ें: Earth Hour 2026 Update: अर्थ ऑवर को लेकर आज एक घंटे के लिए अंधेरे में डूबेगी दुनिया, जानें समय सहित अन्य जरूरी जानकारी
चंद्रमा पर उतरने की ओर अगला कदम
हालांकि आर्टेमिस II के सदस्य चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेंगे, लेकिन यह मिशन आर्टेमिस III के लिए एक अनिवार्य आधार तैयार करेगा. आर्टेमिस III मिशन 2028 के लिए लक्षित है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास पहली महिला और अगले पुरुष को उतारना है. आर्टेमिस II की सफलता नासा के चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति और भविष्य में मंगल ग्रह के मानव मिशनों के मार्ग को प्रशस्त करेगी.