NVIDIA ने रचा इतिहास, 5 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू वाली दुनिया की पहली कंपनी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में रोजाना नए रिकॉर्ड बन रहे हैं और इस बार इतिहास लिखा है NVIDIA ने. दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी NVIDIA आधिकारिक रूप से 5 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट वैल्यूएशन तक पहुंचने वाली पहली कंपनी बन गई है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में रोजाना नए रिकॉर्ड बन रहे हैं और इस बार इतिहास लिखा है NVIDIA ने. दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी NVIDIA आधिकारिक रूप से 5 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट वैल्यूएशन तक पहुंचने वाली पहली कंपनी बन गई है. सिलिकॉन वैली आधारित इस कंपनी की ग्रोथ इतनी तेज रही है कि सिर्फ तीन महीने में इसका वैल्यूएशन 4 ट्रिलियन से 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया.
AI की लहर पर सवार NVIDIA
Nvidia के शेयरों में 29 अक्टूबर को बड़ा उछाल देखने को मिला. कंपनी के शेयर 5% से अधिक की बढ़त के साथ 211.41 डॉलर तक पहुंचे. इस उछाल की वजह है- बढ़ती AI चिप्स की डिमांड, नई सरकारी व कॉर्पोरेट पार्टनरशिप, AI कम्यूटिंग में लीडिंग टेक्नोलॉजी.
कंपनी की वैल्यू अब जापान, ब्रिटेन और भारत तीनों देशों के जीडीपी को मिलाकर भी उससे अधिक हो चुकी है.
NVIDIA ने बनाया रिकॉर्ड
नई डील्स से मजबूत हुई पकड़
NVIDIA ने हाल ही में कई बड़ी घोषणाएं की हैं
- 500 बिलियन डॉलर के नए चिप ऑर्डर.
- Uber के साथ Robotaxi प्रोजेक्ट.
- Nokia के साथ 6G टेक्नोलॉजी में 1 बिलियन डॉलर का निवेश.
- US Department of Energy के साथ 7 नए AI सुपरकंप्यूटर का निर्माण.
- OpenAI में 100 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश, ताकि ChatGPT और अन्य AI सेवाएं और शक्तिशाली बन सकें.
जहां निवेशक Nvidia के रिकॉर्ड पर खुश हैं, वहीं कुछ ग्लोबल संस्थान चिंतित भी हैं. Bank of England और IMF का कहना है कि, “AI से जुड़े टेक स्टॉक्स की तेजी कहीं मार्केट बबल का कारण न बन जाए.” अगर यह बबल फूटा तो असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है.
चीन में भी विस्तार की तैयारी
Nvidia के CEO जेनसन हुआंग ने बताया कि कंपनी चीन के लिए नए स्पेशल चिप्स डिज़ाइन करने पर विचार कर रही है. इस पर जल्द अमेरिकी व चीनी सरकारों के बीच बातचीत भी होनी है. यह प्रोजेक्ट वैश्विक तकनीकी राजनीति में बड़ा प्रभाव डाल सकता है.
AI का भविष्य NVIDIA के हाथ में?
AI को स्मार्टफोन के बाद सबसे बड़ी टेक क्रांति माना जा रहा है. Nvidia के चिप्स बिना रुके ChatGPT जैसे AI मॉडल्स को ताकत देते हैं. सेल्फ ड्राइविंग कारों को कंट्रोल करते हैं. रोबोटिक्स और स्पेस रिसर्च को गति देते हैं.