Paris Olympic Games 2024: पेरिस ओलंपिक गेम्स में विमेंस कॉम्पिटिशन में भाग लेना चाहती हैं ट्रांसजेंडर तैराक, बैन हटाने के लिए लिया थॉमस ने अपनाई कानून का रुख
वैज्ञानिक पैनल के निष्कर्षों के अनुसार दवा के माध्यम से अपने टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करने के बाद भी ट्रांसजेंडर महिलाओं को अभी भी महत्वपूर्ण लाभ था.
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Paris Olympic Games 2024: 2022 में लिया थॉमस सर्वोच्च अमेरिकी राष्ट्रीय कॉलेज 500 यार्ड फ्री स्टाइल इवेंट में एनसीएए डिवीजन का खिताब जीतने वाली पहली ट्रांसजेंडर महिला बनीं थी. लेकिन इसने एक अलग मुद्दे को जन्म दिया, जिससे महिला एथलेटिक्स स्पर्धाओं में उनकी भागीदारी पर सवाल उठाया गया. वर्ल्ड एक्वेटिक्स ने जून 2022 में उन नियमों पर सहमति व्यक्त की, जो पुरुष युवावस्था से गुजर रही ट्रांसजेंडर महिलाओं को विमेंस दौड़ में कॉम्पिटिशन करने से प्रतिबंधित कर दिया हैं. इसने एक ओपन श्रेणी भी बनाई जिसके लिए ट्रांसजेंडर एथलीट हिस्सा होंगे. यह भी पढ़ें: डब्ल्यूपीएल से टकरा रहा न्यूज़ीलैंड बनाम इंग्लैंड टी20 सीरीज, दुविधा में इंग्लिश खिलाड़ी, सभी हो सकते टूर्नामेंट से बाहर
ट्रैक और फील्ड और साइकिलिंग सहित अन्य ओलंपिक खेल निकायों ने तब से समान नियम अपनाए हैं. लेकिन लिया थॉमस दूसरी तरह से महसूस करती हैं. प्रतिबंध को भेदभाव करार देते हुए स्विस स्पोर्ट्स कोर्ट से मदद मांगी हैं. कई रिपोर्टों के अनुसार, उनका प्रतिनिधित्व वकील कार्लोस सयाओ करेंगे, जिन्होंने विश्व एथलेटिक्स के खिलाफ उनकी अपील में धावक कास्टर सेमेन्या का प्रतिनिधित्व किया था.
वर्ल्ड एक्वेटिक्स ने एक बयान में कहा, "वर्ल्ड एक्वेटिक्स को भरोसा है कि उसकी लिंग समावेशन नीति एक निष्पक्ष दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करती है, महिलाओं के खेल की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है." वैज्ञानिक पैनल के निष्कर्षों के अनुसार दवा के माध्यम से अपने टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करने के बाद भी ट्रांसजेंडर महिलाओं को अभी भी महत्वपूर्ण लाभ था.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 28, 2024 07:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

