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शंकर उठाले बने देश के पहले पुलिस जवान जिन्होंने जीता 'आयरमैन' का खिताब! छह महीनों में घटाया 30 किलो वजन

इन दोनों अधिकारियों के बाद महाराष्ट्र पुलिस में बतौर हेड कॉन्स्टेबल कार्यकार्त है शंकर उठाले ने इस खिताब को जीता है. इस खिताब को जीतने के बाद शंकर उठाले देश के पहले ऐसे कॉन्स्टेबल बन गए हैं. जिन्होंने आयरनमैन प्रतियोगिता को जीतकर पुलिस विभाग का नाम रोशन किया है.

शंकर उठाले बने देश के पहले पुलिस जवान जिन्होंने जीता 'आयरमैन' का खिताब! छह महीनों में घटाया 30 किलो वजन
आयरमैन खिताब जीतने वाले शंकर उठाले (Photo Credits: Facebook/Shankar Uthale)

मुंबई: एकदिवसीय आयरमैन रेस दुनिया की सबसे कठिन रेस मानी जाती है. इस रेस को अब तक महाराष्ट्र पुलिस विभाग के दो आईपीएस मुंबई वीआईपी सिक्यॉरिटी में आईजी कृष्ण प्रकाश( Krishna Prakash) और नासिक के पुलिस कमिश्नर डॉ रविंद्र कुमार सिंघल (Dr. Ravindra Singhal) जीत चुके है. इन दोनों अधिकारियों के बाद महाराष्ट्र पुलिस में बतौर हेड कॉन्स्टेबल कार्यरत है शंकर उठाले (Head constable Shankar Uthale) ने इस खिताब को जीता है. इस खिताब को जीतने के बाद शंकर उठाले देश के पहले ऐसे कॉन्स्टेबल बन गए हैं. जिन्होंने आयरनमैन  प्रतियोगिता को जीतकर पुलिस विभाग का नाम रोशन किया है.

इस जीत को हासिल करने वाले शंकर उठाले महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) विभाग में बतौर हेड कॉन्स्टेबल तैनात है और इस समय वे ड्यूटी मुंबई से सटे विरार में कर रहे है और वसई में रहतें है. प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका वजह 6 महीने पहले करीब 92 किलो था. लेकिन उन्होंने अपना वजन 30 किलों कम किया है. यही वजह है कि 17 नवंबर को मलेशिया के लैंगकावी में आयोजित आयरनमैन ट्रायथलॉन उन्होंने जीता. उन्होंने 3.8 किलोमीटर की तैराकी, 180 किलोमीटर की साइकलिंग की. इस प्रतियोगिता में आयरनमैन का खिताब जीतने के लिए 17 घंटे में बिना रुके दौड़ पूरी करनी होती है, जो उन्होंने 16 घंटे 15 मिनट में 42.2 किलोमीटर की दौड़ पूरी की. यह भी पढ़े: VIDEO: जांबाज ट्रैफिक सिपाही ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाई युवक की जिंदगी

उनके बारे में और जो जानकरी प्राप्त हुई है. उसके मुताबिक इस प्रतियोगिता में शामिल होने से पहले जब उनका वजन  करीब 92 किलो था. उस समय ऐसा उनको लग रहा था कि उनका वजन  जिस तरह से बढ़ रहा है. उसको देखते हुए आने वाले दिनों में उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा. जिसके बाद उन्होंने सुबह पांच बजे उठाकर दौड़ना शुरू किया. जब उन्होंने दौड़ना बंद किया था तो इसके बाद वे प्रतिदिन पांच घंटा साइकलिंग करना शुरू किया. इसके बाद उन्होंने तैराकी शुरू किया. आज यदि शंकर उठाले आयरमैन' का खिताब जीता है तो इसके पीछे इनकी कड़ी मेहनत है. यदि वे खुद के लिए इतनी कड़ी मेहनत नहीं करते तो शायद आज वे इस ख़िताब को नहीं जीत पाते.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 25, 2018 08:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).