Asia Cup 2025: एशिया कप का 17वां संस्करण सितंबर 2025 में खेला जाएगा और इस बार मेज़बानी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पास है. भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम इस टूर्नामेंट की डिफेंडिंग चैंपियन है. इस बार एशिया कप 2025 में कुल आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो कि पहले के छह की तुलना में दो अधिक हैं. इससे उभरती हुई क्रिकेट टीमें एक बड़ा मंच पाने में सफल होंगी. सभी आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है. हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सुपर 4 स्टेज में जाएंगी, जहां चार टीमों के बीच मुकाबले होंगे. इसके बाद टॉप दो टीमें फाइनल में जगह बनाएंगी. इस बीच, एशिया कप 2025 में खिलाड़ियों की चोट एक अहम मुद्दा है, विशेषकर जब टीमों ने अपने मुख्य स्क्वाड के साथ-साथ स्टैंड-बाई खिलाड़ियों की घोषणा भी की है. अजित अगरकर की अध्यक्षता में भारतीय चयनकर्ताओं ने मुख्य टीम के अलावा पांच स्टैंड-बाई खिलाड़ियों का भी चयन किया है, जो जरूरत पड़ने पर मुख्य खिलाड़ियों की जगह ले सकते हैं. एशिया कप के लिए भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत इन टीमों का ऐलान, यहां देखें टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी टीमों की फुल स्क्वाड
चोटिल खिलाड़ी की जगह कैसे मिलता है रिप्लेसमेंट?
एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि मुख्य स्क्वाड का कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाता है तो टीम उसकी जगह नए खिलाड़ी की मांग कर सकती है. इस प्रक्रिया में पहले मेडिकल टीम चोटिल खिलाड़ी का मूल्यांकन करती है और एक विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तैयार करती है. इसके बाद यह रिपोर्ट एशियन क्रिकेट काउंसिल के तकनीकी दल के पास भेजी जाती है. तकनीकी समिति इस रिपोर्ट का गहन अध्ययन करती है और चोट की गंभीरता का आकलन करने के बाद अंतिम निर्णय लेती है. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि केवल वास्तविक चोटों के मामले में ही खिलाड़ी बदले जा सकें और इसका दुरुपयोग न हो.
Like-for-Like रिप्लेसमेंट का सिद्धांत
एशिया कप 2025 के नियमों में एक महत्वपूर्ण प्रावधान है कि टीमों को "Like-for-Like" रिप्लेसमेंट करना होगा. इसका मतलब है कि यदि एक ओपनर चोटिल होता है तो उसकी जगह भी एक ओपनर को ही लाया जा सकता है. इसी तरह यदि तेज गेंदबाज घायल होता है तो उसकी जगह भी तेज गेंदबाज को ही मौका दिया जाएगा. यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि कोई भी टीम अनुचित लाभ न उठा सके और टूर्नामेंट की निष्पक्षता बनी रहे. एशिया कप के नियमों में एक कड़ा प्रावधान यह भी है कि एक बार खिलाड़ी को चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर कर देने के बाद, वह पुनः टीम में वापस नहीं आ सकता हैं. यह नियम स्पष्ट करता है कि चोट के बाद रिप्लेसमेंट एक स्थायी निर्णय है, न कि अस्थायी समाधान हैं.
भारत के स्टैंड-बाई खिलाड़ी कौन हैं?
टीम इंडिया ने यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल, प्रसिद्ध कृष्णा, रियान पराग और वाशिंगटन सुंदर को स्टैंड-बाई खिलाड़ी के रूप में नामित किया है. यदि कोई ओपनर चोटिल होता है तो यशस्वी जायसवाल को मुख्य टीम में शामिल किया जा सकता है. इसी प्रकार यदि कोई गेंदबाज घायल हो जाता है तो प्रसिद्ध कृष्णा उसकी जगह ले सकते हैं. स्टैंड-बाई खिलाड़ी टीम के साथ यात्रा नहीं करते हैं, लेकिन वे हमेशा तैयार रहते हैं. जरूरत पड़ने पर ये खिलाड़ी तुरंत टीम से जुड़ सकते हैं और मुख्य खिलाड़ी की अनुपस्थिति में टीम के संतुलन को बनाए रख सकते हैं. ये खिलाड़ी टीम के साथ अभ्यास कर सकते हैं और आवश्यक सहायता प्रदान कर सकते हैं.
क्यों जरूरी हैं ये नियम?
ये नियम खिलाड़ियों की सुरक्षा और टूर्नामेंट की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। चोट के कारण कोई भी टीम कमजोर न पड़े और प्रतियोगिता का स्तर बना रहे। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि खिलाड़ियों को अपनी सेहत को लेकर चिंता न करनी पड़े क्योंकि उन्हें पता है कि चोट की स्थिति में उचित रिप्लेसमेंट मिल जाएगा. एशिया कप 2025 के ये नियम आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों को देखते हुए बनाए गए हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि टूर्नामेंट उच्चतम स्तर पर खेला जाए। भारतीय टीम अपने मजबूत मुख्य स्क्वाड और बेहतरीन स्टैंड-बाई विकल्पों के साथ इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है.













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