पाकिस्तान क्रिकेट में नया बवाल: खराब जर्सी पर भड़के पूर्व खिलाड़ी, PCB पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप
India vs Pakistan Asia Cup 2025 (Photo- @Amanriz78249871/X)

एशिया कप 2025 के बीच पाकिस्तान क्रिकेट टीम विवादों में घिर गई है. एक तरफ टीम की बल्लेबाज़ी चिंता का विषय बनी हुई है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर अतीक-उज़-ज़मान ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा दिए हैं. यह पूरा मामला टीम की जर्सी की क्वालिटी से जुड़ा है.

पूर्व खिलाड़ी ने PCB पर साधा निशाना

अतीक-उज़-ज़मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (जो पहले ट्विटर था) पर एक पोस्ट के ज़रिए PCB को घेरा. उन्होंने बुधवार को UAE के खिलाफ हुए मैच का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों की जर्सी की क्वालिटी बहुत ही घटिया है.

उन्होंने लिखा, "पाकिस्तानी खिलाड़ी घटिया क्वालिटी की किट में पसीने से भीग रहे हैं, जबकि दूसरी टीमों के खिलाड़ी अच्छी 'ड्राई-फिट' जर्सी पहने हुए हैं. ऐसा तब होता है जब टेंडर professionnels को नहीं, बल्कि दोस्तों को दिए जाते हैं. पसीने से ज़्यादा तो भ्रष्टाचार टपक रहा है."

इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर PCB की काफी आलोचना हो रही है.

बल्लेबाज़ी बनी टीम के लिए सिरदर्द

मैदान के बाहर चल रहे इस विवाद के अलावा, टीम मैदान के अंदर अपनी बल्लेबाज़ी से जूझ रही है. UAE जैसी टीम के खिलाफ पाकिस्तान ने 41 रनों से मैच तो जीत लिया, लेकिन इस जीत ने उनकी बल्लेबाज़ी की कमजोरियों को उजागर कर दिया.

पाकिस्तान की टीम 9 विकेट खोकर सिर्फ 146 रन ही बना सकी. यह तो भला हो शाहीन शाह अफरीदी का, जिन्होंने आखिर में आकर 14 गेंदों पर 29 रन बनाकर टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. टीम का टॉप और मिडिल ऑर्डर पूरी तरह से फेल रहा. बल्लेबाज़ सईम अयूब तीन मैचों में अभी तक अपना खाता भी नहीं खोल पाए हैं.

कप्तान सलमान अली आगा ने भी जताई चिंता

कप्तान सलमान अली आगा ने भी माना कि टीम की बल्लेबाज़ी, खासकर बीच के ओवरों (7 से 15 ओवर) में, अच्छी नहीं हो रही है. उन्होंने कहा, "हमने मैच तो जीत लिया, लेकिन हमें बेहतर बल्लेबाज़ी करनी होगी. अगर हम अच्छा खेलते तो 170-180 रन बना सकते थे. हम किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं, बस हमें अच्छा क्रिकेट खेलने की जरूरत है."

अब पाकिस्तान का अगला बड़ा मुकाबला 21 सितंबर को भारत के खिलाफ है. इस हाई-वोल्टेज मैच से पहले टीम पर दोहरा दबाव है - एक तो मैदान के बाहर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों का और दूसरा मैदान के अंदर अपनी बल्लेबाज़ी को सुधारने का.