Eng vs Ind 4th Test, Manchester: अंग्रेजो से हिसाब करना है बराबर, मैनचेस्टर टेस्ट में कैसे मिलेगी जीत?
भारतीय टीम (Photo: BCCI Twitter)

India National Cricket Team vs England National Cricket Team Fourth Test: भारतीय राष्ट्रिय क्रिकेट टीम बनाम इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज बेहद रोमांचक मोड़ पर है. सीरीज 2-1 से इंग्लैंड के पक्ष में है. सोमवार को समाप्त हुए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड को कामयाबी मिली मगर टीम इंडिया के लिए रविंद्र जडेजा- जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने पूरी जान लगा दी. उपरि क्रम के बल्लेबाज गर कुछ रन बना लेते तो शायद ये मैच भारत के खाते में जाता. बहरहाल, अब सभी की नजर मेनचेस्टर में होने वाले छठे टेस्ट पर है. भारतीय फैन्स को उम्मीद है कि शुभमन गिल की अगुआई वाले ये युवा टीम करारा पलटवार करेगी. टीम इंडिया की वापसी से सीरीज भी जिन्दा रहेगी. लेकिन सवाल यहां यह है कि टीम इंडिया जीतेगी कैसे.

इस सवाल का जवाब भी बेहद सरल है. भारतीय टीम को लॉर्ड्स और लीड्स की गलतियों से सीख लेनी होगी और अपने खेल के स्थर को और बढ़ाना होगा. आइए देखते है कि टीम इंडिया को चौथा और अहम् टेस्ट जीतने के लिए क्या करना होगा.

परिस्तिथि और पिच को सही से पढ़ना:

पुराने अनुभवों से आंकलन करे तो मैनचेस्टर की पिच तेज़ गेंदबाजों के लिए मददगार रहती है.पहले और दुसरे दिन तो तेज गेंदबाज घटक होते हैं. भारतीय टीम टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी के आप्शन पर भी विचार कर सकती है. बाद के दिनों में पिच बल्लेबाजी के लिए आसान हो जाती है. शुरूआती नमी का उपयोग कर बुमराह एंड कंपनी अंग्रेजों को घुटने पर ला सकते हैं.

टॉप ऑर्डर का दम दिखाना:

भारतीय बल्लेबाजों—शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल—पर एक ठोस शुरुआत देने की जिम्मेदारी होगी, ताकि इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव डाला जा सके. लॉर्ड्स टेस्ट में देखा गया कि जब टॉप ऑर्डर जल्दी आउट हो गया तो टीम दबाव में आ गई. मैनचेस्टर में शुरुआती 1-2 घंटे टिककर खेलना बेहद जरूरी होगा.

कैच लपककर गेंदबाजों का साथ दें:

पुराणी कहावत है कि झेलो कैच और जीतो मैच. मगर पिछले मैचों में भारत ने फील्डिंग में कई मौके गंवाए हैं, जिससे विपक्षी टीमों को वापसी का मौका मिल जाता है. मैनचेस्टर में बेहतरीन फील्डिंग करने पर ही दबाव बनाए रखा जा सकता है.

मानसिक मजबूती और संयम

करीबी मुकाबलों में अक्सर मानसिक मजबूती ही जीत-हार का अंतर बना देती है. लॉर्ड्स में भारत आखिरी क्षणों पर चूक गया, मैनचेस्टर टेस्ट जीतने के लिए पूरे पांच दिन योजना और मानसिक संतुलन जरूरी है.