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BCCI Injury Replacement Rule: बीसीसीआई ने आगामी डोमेस्टिक सीजन के लिए मल्टी-डे क्रिकेट में 'इंजरी रिप्लेसमेंट नियम' किया लागू, ऋषभ पंत के चोटिल होने के बाद लिया बड़ा फैसला- रिपोर्ट

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि यह गंभीर चोट खेल के दौरान और खेलने के क्षेत्र के भीतर लगनी चाहिए. क्रिकबज़ के अनुसार, बीसीसीआई ने घरेलू सीज़न 2025-26 के लिए बहु-दिवसीय क्रिकेट की प्लेइंग कंडीशंस में नए उपशीर्षक ‘सीरियस इंजरी रिप्लेसमेंट’ के तहत यह नियम लागू किया है. यह नियम कंकशन रिप्लेसमेंट नियमों के समान है.

BCCI Injury Replacement Rule: बीसीसीआई ने आगामी डोमेस्टिक सीजन के लिए मल्टी-डे क्रिकेट में 'इंजरी रिप्लेसमेंट नियम' किया लागू, ऋषभ पंत के चोटिल  होने के बाद लिया बड़ा फैसला- रिपोर्ट
BCCI logo (L) and Rishabh Pant (R). (Photo credits: X/@BCCI)

BCCI Injury Replacement Rule: एक बड़े फैसले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी घरेलू सीज़न के लिए बहु-दिवसीय क्रिकेट में "इंजरी रिप्लेसमेंट" नियम में बदलाव किया है. भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत को हाल ही में इंग्लैंड में संपन्न एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 में पैर की उंगली में चोट (फ्रैक्चर) लगने के बाद यह निर्णय लिया गया. क्रिकबज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी मैच के दौरान "गंभीर चोट" का शिकार होता है, तो उसे बदलने के लिए इंजरी रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. नियम के मुताबिक, "यदि कोई खिलाड़ी संबंधित मैच के दौरान गंभीर चोटिल हो जाता है, तो कुछ परिस्थितियों में गंभीर इंजरी रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है." क्या पिछले IPL में डिवाल्ड ब्रेविस को मिली थी एक्स्ट्रा साइनिंग फीस? रविचंद्रन अश्विन के दावे पर CSK ने दी सफाई

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि यह गंभीर चोट खेल के दौरान और खेलने के क्षेत्र के भीतर लगनी चाहिए. क्रिकबज़ के अनुसार, बीसीसीआई ने घरेलू सीज़न 2025-26 के लिए बहु-दिवसीय क्रिकेट की प्लेइंग कंडीशंस में नए उपशीर्षक ‘सीरियस इंजरी रिप्लेसमेंट’ के तहत यह नियम लागू किया है. यह नियम कंकशन रिप्लेसमेंट नियमों के समान है.

गौरतलब है कि भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ी ऋषभ पंत (पैर की चोट) और क्रिस वोक्स (कंधे की चोट) चौथे और पांचवें टेस्ट में रिप्लेसमेंट का उपयोग नहीं कर पाए थे क्योंकि उस समय तक इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से मंजूरी नहीं मिली थी.

बीसीसीआई की प्लेइंग कंडीशंस: गंभीर चोट रिप्लेसमेंट

क्रिकबज़ के अनुसार, गंभीर चोट रिप्लेसमेंट के लिए टीम को टॉस के समय ही अपने सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों के नाम देने होंगे. हालांकि, यदि विकेटकीपर को रिप्लेस करना पड़े और नामित सब्स्टीट्यूट्स में कोई विकेटकीपर शामिल न हो, तो मैच रेफरी को बाहर से विकेटकीपर को शामिल करने की अनुमति देने का अधिकार होगा. नीचे बीसीसीआई द्वारा किए गए नए बदलाव दिए गए हैं:

1.2.8.1.3.5 सभी परिस्थितियों में गंभीर चोट रिप्लेसमेंट खिलाड़ी उन्हीं नामित सब्स्टीट्यूट्स में से होगा, जिनका नाम टॉस के समय दिया गया हो (सीके नायडू ट्रॉफी के लिए खिलाड़ियों के नामांकन के समय से). केवल उसी स्थिति में जब विकेटकीपर को गंभीर चोट लगे और उसका रिप्लेसमेंट ज़रूरी हो, मैच रेफरी बाहर से विकेटकीपर को शामिल करने की अनुमति दे सकता है.

1.2.8.2 गंभीर चोट रिप्लेसमेंट का अनुरोध बीसीसीआई मैच रेफरी को घटना के तुरंत बाद प्रस्तुत करना होगा.

1.2.8.3 बीसीसीआई मैच रेफरी सामान्यतः तभी अनुरोध स्वीकार करेगा जब रिप्लेसमेंट खिलाड़ी "लाइक-फॉर-लाइक" हो और उसकी मौजूदगी से टीम को मैच के बाकी हिस्से में अनुचित लाभ न मिले.

1.2.8.4 मैच रेफरी को यह आकलन करना होगा कि नामित गंभीर चोट रिप्लेसमेंट खिलाड़ी "लाइक-फॉर-लाइक" है या नहीं. इसके लिए रेफरी को यह देखना होगा कि चोटिल खिलाड़ी मैच के बाकी हिस्से में किस भूमिका में होता और नामित रिप्लेसमेंट खिलाड़ी सामान्यतः किस भूमिका में खेलता है.

बीसीसीआई ने कहा है कि नए नियमों को आगामी सीके नायडू ट्रॉफी में लागू किया जाएगा. हालांकि, सफेद गेंद (व्हाइट-बॉल) घरेलू क्रिकेट में कोई इंजरी रिप्लेसमेंट की अनुमति नहीं होगी. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीसीसीआई भविष्य में इस नियम को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी लागू करेगा या नहीं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 16, 2025 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).