केंद्रीय विश्वविद्यालय बीएचयू के वैज्ञानिकों ने तीन दशकों की मेहनत के उपरांत मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। वैज्ञानिकों ने बिना लक्षण वाले कालाजार (लीशमैनियासिस) रोगियों की पहचान का एक नया तरीका खोज निकाला है, जो विश्वसनीय और किफायती है। pic.twitter.com/zkXNiC6vdo— IANS Hindi (@IANSKhabar) June 26, 2022
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