एक महिला जो तलाक के लिए अपने पति का घर छोड़ देती है, बाद में उसी घर में 'निवास का अधिकार' मांगने का अधिकार भी खो देती है, भले ही तलाक के खिलाफ उसकी याचिका घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत लंबित हो। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने यह फैसला सुनाया। pic.twitter.com/iZgA1S9jv6— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 3, 2022
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