Viral Video Scam: अशोक खरात से लेकर '19 Minute 34 Second' तक; सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के नाम पर हो रही है डिजिटल ठगी, रहें सावधान
अशोक खरात', '19 मिनट 34 सेकेंड', 'स्मृति जैन' और 'द पिनय गोल्ड मेडलिस्ट' का वायरल वीडियो लिंक ट्रैप (File Image)

Viral Video Scam: सोशल मीडिया (Social Media) के दौर में किसी भी 'लीक' या 'सनसनीखेज' वीडियो ('Leaked' or 'Sensational' Video) की खबर मिनटों में लाखों सर्च ट्रिगर कर देती है.  मार्च 2026 में, साइबर अपराधी इसी जन-जिज्ञासा का फायदा उठाकर लोगों को डिजिटल जाल में फंसा रहे हैं. नासिक के ज्योतिष अशोक खरात से लेकर '19 मिनट 34 सेकंड' (19 Minutes 34 Seconds) जैसे कोडनेम वाले वीडियो लिंक असल में फिशिंग स्कैम (Phishing Scam) हैं. इनका उद्देश्य आपकी निजी जानकारी, वित्तीय डेटा और सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक करना है. यह भी पढ़ें: Nikko Natividad Viral Video: निक्को नतिविदाद वायरल वीडियो मामला, जानें वायरल हुई क्लिप असली है या नकली

1. अशोक खरात (Ashok Kharat) वायरल वीडियो केस

दावा: नासिक के ज्योतिष और अंकशास्त्री अशोक खरात को मार्च 2026 में यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया. दावा किया जा रहा है कि उनकी 58 आपत्तिजनक वीडियो वाली पेन ड्राइव लीक हो गई है.

सच्चाई: यह एक वास्तविक आपराधिक मामला है और विशेष जांच दल (SIT) इसकी जांच कर रहा है. सभी वीडियो पुलिस की कस्टडी में हैं और सार्वजनिक नहीं हुए हैं. इंटरनेट पर उपलब्ध 'डाउनलोड' या 'प्रीव्यू' लिंक असल में स्पाइवेयर हैं, जो आपके फोन का डेटा चोरी कर सकते हैं.

2. '19 Minute 34 Second' वीडियो का रहस्य

दावा: एक्स (ट्विटर) और टेलीग्राम पर दावा किया जा रहा है कि एक मशहूर इन्फ्लुएंसर का 19 मिनट 34 सेकंड का एमएमएस (MMS) लीक हो गया है.

सच्चाई: यह पूरी तरह से एक फिशिंग ट्रैप है। इन लिंक्स पर क्लिक करने पर 'आयु सत्यापन' (Age Verification) के नाम पर फेसबुक या इंस्टाग्राम लॉगिन मांगा जाता है. जैसे ही आप क्रेडेंशियल्स डालते हैं, आपका अकाउंट हैक हो जाता है. कई मामलों में ये वीडियो एआई (AI) द्वारा बनाए गए डीपफेक होते हैं. यह भी पढ़ें: फिलीपींस 'बिग 4' वायरल वीडियो कांड: जानें क्या है पूरा मामला और क्या कहता है कानून?

आपको 19 मिनट 34 सेकंड वाले वायरल वीडियो लिंक पर क्लिक क्यों नहीं करना चाहिए:

 

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3. स्मृति जैन (जैसलमेर कांड) का सच

दावा: सोशल मीडिया पर एक पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर स्मृति जैन की गिरफ्तारी की खबर "ब्रेकिंग न्यूज" के तौर पर वायरल हो रही है.

सच्चाई: यह मामला मई 2025 का है। स्कैमर्स पुरानी और चौंकाने वाली खबरों को दोबारा रीसायकल करके यूजर्स को ऐसे वेब पेज पर ले जाते हैं जहाँ मैलवेयर और जबरन ब्राउज़र एक्सटेंशन इंस्टॉल हो जाते हैं.

4. 'पिनाय गोल्ड मेडलिस्ट' (Pinay Gold Medalist) स्कैम

दावा: दावा किया जा रहा है कि एक फिलिपिनो गोल्ड मेडलिस्ट एथलीट का आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है.

सच्चाई: यह 100% फर्जी खबर है। ऐसा कोई वीडियो अस्तित्व में नहीं है. यह कीवर्ड केवल 'हनी पॉट' की तरह इस्तेमाल किया जाता है ताकि लोगों को जुए की साइटों और मालवेयर वाले विज्ञापनों पर भेजा जा सके.

वायरल ट्रैप: जोखिम का स्तर (एक नजर में)

वायरल टॉपिक सच्चाई का सार जोखिम का स्तर
अशोक खरात वीडियो वास्तविक केस, लेकिन वीडियो पुलिस के पास सुरक्षित हैं। अत्यधिक (जासूसी सॉफ़्टवेयर)
19 Minute 34 Second अकाउंट हैक करने के लिए इस्तेमाल किया गया कोड। उच्च (पहचान की चोरी)
स्मृति जैन केस 2025 का पुराना मामला, क्लिकबेट के लिए उपयोग। मध्यम (एडवेयर/वायरस)
पिनाय गोल्ड मेडलिस्ट पूरी तरह मनगढ़ंत और फर्जी खबर। उच्च (मालवेयर/धोखाधड़ी)

साइबर विशेषज्ञों की सलाह

डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई वीडियो वास्तव में किसी बड़ी खबर का हिस्सा है, तो प्रतिष्ठित समाचार संस्थान बिना किसी संदिग्ध डाउनलोड या लॉगिन के उसकी जानकारी देंगे.  सनसनीखेज हेडलाइंस देखकर लिंक पर क्लिक करना आपके बैंक खातों और निजी संदेशों की चाबी अपराधियों को सौंपने जैसा है. किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलने से बचें और अपनी डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दें.

अस्वीकरण: यह लेख पूरी तरह से जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है, ताकि बताए गए विषय के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके.

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