Shocking! परिवार नियोजन किट में काउंसिलिंग के लिए दी जाएगी रबर पेनिज, महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले से आशा वर्कर नाराज
ज्य सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के लिए तरह-तरह के उपाय किये जा रहे हैं. राज्य सरकार (महाराष्ट्र सरकार जन स्वास्थ्य विभाग एक प्रमुख भूमिका निभाता है. इस विभाग से परिवार नियोजन गतिविधियों को भी लागू किया जा रहा है. हालांकि, यह पता चला है कि राज्य सरकार ने परिवार के लिए परामर्श (काउंसिलिंग) किट में रबर लिंग प्रदान किया जाएगा....
बुलढाना: राज्य सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के लिए तरह-तरह के उपाय किये जा रहे हैं. राज्य सरकार (महाराष्ट्र सरकार जन स्वास्थ्य विभाग एक प्रमुख भूमिका निभाता है. इस विभाग से परिवार नियोजन गतिविधियों को भी लागू किया जा रहा है. हालांकि, यह पता चला है कि राज्य सरकार ने परिवार के लिए परामर्श (काउंसिलिंग) किट में रबर लिंग प्रदान किया जाएगा. सरकार के फैसले पर आशा कार्यकर्ता नाराज है. भाजपा नेता चित्रा वाघ ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है. चित्रा वाघ ने ट्वीट कर राज्य सरकार की आलोचना की है. यह भी पढ़ें: Population: भारत की कुल प्रजनन दर देशभर में घटकर 2 रह गई
आशा सेविका परिवार नियोजन के लिए गांवों में जाती हैं और महिलाओं को परामर्श देती हैं. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा आशा सेविकों को प्रदान की गई परिवार नियोजन किट में रबर पेनिज प्रदान की गई है. हालांकि, इससे आशा सेविकों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है और इस रबर पेनिस को प्रदर्शन के लिए किट में दिया गया है. उस रबर के लिंग के साथ आशा वर्कर्स गाँव में कैसे घूम सकती हैं? यह सवाल किया जा रहा है.
घटना के बाद बीजेपी नेता चित्रा वाघ ने ट्वीट कर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को टैग किया. उन्होंने इसकी आलोचना की है.
देखें ट्वीट:
सरकारचं डोकं ठिकाणावर आहे का..??
उच्छाद मांडलाय लिंगपिसाटांचा…
आशांचे हक्काचे कोरोना काळात ठरलेले ३५/- रू. रोज कोरोनाची तिसरी लाट ओसरली तरी दिले नाहीतचं.. वर हे अजून….
थोडी लाज ठेवा
मेहनती आशा ताईंचे तळतळाट घेऊ नका..@CMOMaharashtra @rajeshtope11 https://t.co/5nnFV9RSuP
— Chitra Kishor Wagh (@ChitraKWagh) March 19, 2022
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदर्शन के लिए आशा कार्यकर्ताओं को रबर पेनिस दिया गया है. वे इसके साथ कैमरे में बोलने को तैयार नहीं हैं. इस रबर लिंग को कैसे लें और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सामने कैसे जाएं? इस बहस में आशा वर्कर नाराज हैं. इस संबंध में आशा सेविकाओं से बात करने की कोशिश की गई. हालांकि, उन्होंने सरकार के खिलाफ बोलने से इनकार कर दिया. सरकार के इस अजीबोगरीब कदम पर महिलाएं अपना गुस्सा व्यक्त कर रही हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 20, 2022 02:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

