Kerala: च्यूइंग गम खाने की वजह से 8 साल की बच्ची को बीच सड़क पर होने लगी घुटन, लोगों ने ऐसे की उसकी मदद (Watch Viral Video)
च्यूइंग गम खाने की वजह से घुटने लगा बच्ची का दम (Photo Credits: X)

केरल (Kerala) के कन्नूर (Kannur) जिले के पल्लिक्करा (Pallikkara) में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बीच सड़क पर एक बच्ची का गला च्यूइंग गम (Chewing Gum) से घुटता हुआ पाया गया. गनीमत रही कि जब वह कुछ युवकों के पास पहुंची तो उन्होंने बच्ची को बचा लिया. उनकी सूझबूझ और तुरंत कार्रवाई की वजह से बच्ची बच गई. सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद हो गई और अब यह इंटरनेट पर वायरल हो रही है. अजीबोगरीब आदमियों के इस समूह की इंटरनेट पर खूब तारीफ हो रही है.

इंटरनेट पर वायरल हो रहे एक मिनट के वीडियो में एक व्यस्त सड़क पर एक छोटी बच्ची दिखाई दे रही है, जिसका नाम तो पता नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह आठ साल की बच्ची है जो साइकिल चलाने के लिए तैयार हो रही है. वहीं कुछ युवकों का समूह आपस में बातें कर रहा है. अचानक बच्ची को गले में तकलीफ महसूस हुई और उसे एहसास हुआ कि वह च्यूइंग गम खा रही है. वह उन युवकों के पास गई और बिना घबराए उन्होंने उसकी मदद करना शुरू कर दिया. उनकी त्वरित कार्रवाई की वजह से एक हादसा टल गया और बच्ची बच गई. यह भी पढ़ें: Viral Video: बेंगलुरु में बीच सड़क पर गद्दा बिछाकर सोता दिखा शख्स, लगा ट्रैफिक जाम, लोगों ने की कार्रवाई की मांग

वीडियो को @path2shah ने X पर पोस्ट किया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा है- कन्नूर के पल्लिक्कारा में एक आठ साल की बच्ची को कुछ युवकों ने बचाया जब वह #च्यूइंगगम से घुट रही थी. बच्ची अस्वस्थ महसूस करते हुए उनके पास आई और उन्होंने तुरंत उसकी च्यूइंग गम बाहर निकालने में मदद की. उनकी समय पर की गई कार्रवाई की अब सोशल मीडिया पर प्रशंसा हो रही है.

च्यूइंग गम खाने की वजह से बीच सड़क पर घुटने लगा बच्ची का दम

एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा है-बहुत बढ़िया! इससे पता चलता है कि ज्यादातर लोग दिल से बुरे नहीं हैं; वे धर्म या जाति की परवाह किए बिना मदद करने को तैयार रहते हैं. हमारी राजनीति और धार्मिक नेताओं द्वारा अपनाए गए अतिवादी रुख ही लोगों को गलत राह पर धकेलते हैं.

एक अन्य यूजर ने लिखा है- बहुत ही दिल को छू लेने वाला वीडियो। छोटी बच्ची असहज लग रही थी. पुरुषों ने प्रतिक्रिया दी और समझा कि वह किससे जूझ रही है. बहुत बढ़िया काम किया दोस्तों.

एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा है- इस कहानी ने सचमुच मेरे दिल को छू लिया! बहादुरी और त्वरित कार्रवाई के वे रोजमर्रा के पल ही बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. सच में, उन्हें सलाम! इससे मुझे और ज्यादा जागरूक होने और अगर हो सके तो मदद के लिए तैयार रहने की प्रेरणा मिलती है. यह एक अच्छा अनुस्मारक है.