Fact Check: पीठ पर बच्चे को बांधकर साइकिल चलाती महिला की तस्वीर वायरल, जिसमें उसे बताया गया है प्रवासी मजदूर, जानें क्या है इस दावे की सच्चाई
पीठ पर बच्चे को बांधकर साइकिल चलाती एक महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान यह महिला अपने बच्चे को पीठ पर बांधकर साइकिल से अपने घर की ओर जा रही है. पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार यह तस्वीर नेपाली महिला है की है जो पुरानी है और वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा गलत है.
Fact Check: कोरोना वायरस का प्रकोप (Coronavirus Outbreak) जितनी तेजी से दुनिया को अपनी चपेट में लेता जा रहा है, उतनी ही तेजी से सोशल मीडिया पर गलत जानकारियों और खबरों की भरमार लगने लगी है. कोविड-19 के प्रकोप (COVID-19 outbreak) के बाद से कई गलत सूचनाएं ट्विटर (Twitter), फेसबुक (Facebook) और वॉट्सऐप (WhatsApp) पर व्यापक तौर पर फैलाई जा रही हैं. इसी कड़ी में पीठ पर बच्चे को बांधकर साइकिल (woman cycling) चलाती एक महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) के दौरान यह महिला अपने बच्चे को पीठ पर बांधकर साइकिल (Cycle) से अपने घर की ओर जा रही है. इस तस्वीर के जरिए लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की बेबसी को दर्शाया गया है.
दरअसल, मदर्स डे के अवसर पर इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर व्यापक तौर पर शेयर किया गया था. इसके साथ कैप्शन लिखा था- मां हर किसी की जगह ले सकती है, लेकिन दुनिया में मां की जगह कोई नहीं ले सकता. हम अंग्रेजों द्वारा दिए गए इस दिन का स्वागत करते हैं, लेकिन हमारे लिए हर दिन मातृ दिवस है.
देखें ट्वीट-
#माँ सबका जगह ले सकती हैं पर दुनिया में माँ की जगह कोई नहीं ले सकता l अंग्रेज का दिए हुए दिवस का स्वागत हैं, पर हमारे लिए हर दिन #मातृ_दिवस हैं ..... #mothersday2020 #MotherLove #sundayvibes #love pic.twitter.com/JljgLKmh4k
— 🧚♀️ दीपाश्री (@I_Deepashree) May 10, 2020
एक और ट्वीट-
Corona's havoc and this poor..😧 pic.twitter.com/IzFFSoru0Y
— Vinod Yadav (@VinodYadav5172) April 27, 2020
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली यह तस्वीर पुरानी है और भारत की नहीं है. पीआईबी फैक्ट चेक ने इस तस्वीर को फर्जी बताते हुए कहा है कि यह तस्वीर पुरानी है और भारत से नहीं है. यह भी पढ़ें: Fact Check: मुंबई से पश्चिम बंगाल गई ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन' में थी बंपर भीड़? जानें वायरल वीडियो का सच
पीआईबी फैक्ट चेक ट्वीट-
#माँ सबका जगह ले सकती हैं पर दुनिया में माँ की जगह कोई नहीं ले सकता l अंग्रेज का दिए हुए दिवस का स्वागत हैं, पर हमारे लिए हर दिन #मातृ_दिवस हैं ..... #mothersday2020 #MotherLove #sundayvibes #love pic.twitter.com/JljgLKmh4k
— 🧚♀️ दीपाश्री (@I_Deepashree) May 10, 2020
गौरतलब है कि हंगरी की वेबसाइट https://cafeblog.hu की एक रिपोर्ट, जो 2015 में प्रकाशित हुई थी उसमें भी इसी तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था. पिंटरेस्ट पर भी यह तस्वीर देखने को मिली, जहां एक यूजर ने कहा कि मां और बच्ची नेपाल की हैं, इसलिए यह निष्कर्ष निकलता है कि कोविड-19 संकट के दौरान शेयर की गई यह तस्वीर पुरानी और भारत से बाहर की है. इस तस्वीर में नजर आ रही महिला प्रवासी मजदूर नहीं है.
Fact check
अपनी पीठ पर बच्चे को बांधकर साइकिल चलाती महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस तस्वीर के जरिए लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के भाग्य को दर्शाया गया है.
पीआईबी ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली तस्वीर पुरानी है और भारत की नहीं है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 20, 2020 09:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

