Fact Check: रूस के कोविड-19 वैक्सीन के लिए मानव परीक्षण में शामिल स्वयंसेवक की तस्वीर राष्ट्रपति पुतिन की बेटी के तौर पर वायरल, जानें क्या है इसकी सच्चाई
रूस के राष्ट्रपति ने दुनिया के पहले कोविड-19 वैक्सीन विकसित किए जाने की घोषणा के साथ यह भी बताया कि उनकी बेटी को इस वैक्सीन की पहली खुराक भी मिली है. इसके बाद से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुतिन की बेटी को टीका लगने का दावा किया गया है. हालांकि वीडियो की अगर गहराई से पड़ताल की जाए तो पता चलता है कि इसे गलत तरीके से शेयर किया गया है.
Fact Check: रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) की पहली वैक्सीन की घोषणा मंगलवार को की. रूस (Russia) में तैयार की गई इस वैक्सीन का कोविड-19 वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) के तौर पर रजिस्ट्रेशन भी करा दिया गया है. इसके साथ ही साल 2021 की शुरुआत तक पूरी दुनिया को वैक्सीन मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है. रूस से आई इस खबर को दुनिया भर के सभी देशों के लिए एक सकारात्मक खबर मानी जा रही है. दरअसल, रूस के राष्ट्रपति ने दुनिया के पहले कोविड-19 वैक्सीन विकसित किए जाने की घोषणा के साथ यह भी बताया कि उनकी बेटी को इस वैक्सीन की पहली खुराक मिली है. इसके बाद से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुतिन की बेटी को टीका लगने का दावा किया गया है. हालांकि वीडियो की अगर गहराई से पड़ताल की जाए तो पता चलता है कि इसे गलत तरीके से शेयर किया गया है.
राष्ट्रपति पुतिन द्वारा अपनी बेटी को दुनिया के पहले कोविड-19 वैक्सीन की खुराक दिए जाने की घोषणा के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर "राष्ट्रपति पुतिन की बेटी को दुनिया की पहली कोविड-19 वैक्सीन दी गई" शीर्षक के साथ शेयर किया गया है. देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और हजारों यूजर्स द्वारा इसे शेयर भी किया गया है. यह भी पढ़ें: Russia's COVID-19 Vaccine: रूस ने बनायी पहली कोरोना वैक्सीन, 2021 तक आने की उम्मीद
देखें वायरल वीडियो-
President Putin's daughter gets first covid-19 vaccine of the world #RussianVaccine pic.twitter.com/Gu9k9zbOCE
— State news kannada (@CityBhargav) August 11, 2020
गौरतलब है कि लोगों के उत्सुक होने के साथ ही लॉजिकल इंडियन ने InVId का उपयोग करके व्यक्तिगत फ्रेम में वीडियो को ब्रेक किया, जिससे यह पता चला है कि वीडियो में पुतिन की बेटी के होने का दावा गलत है. यह वीडियो 26 जून 2020 से लिया गया है. बहरहाल, कोरोना संकट की इस घड़ी में लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी खबर या जानकारी की सत्यता जाने बगैर न तो उस पर विश्वास करें और न ही उसे आगे फॉरवर्ड करें.
Fact check
रूस के कोविड-19 वैक्सीन के लिए मानव परीक्षण में शामिल स्वयंसेवक की तस्वीर को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बेटी के रूप में शेयर किया गया.
यह तस्वीर गलत है, वीडियो 26 जून 2020 को लिया गया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 12, 2020 04:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

