Fact Check: हिजाब घटना में क्या जावेद अख्तर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार का किया बचाव? जानें वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कथित तौर पर दावा किया गया है कि बॉलीवुड के स्क्रीनराइटर और गीतकार जावेद अख्तर ने बिहार के सीएम से जुड़े हिजाब विवाद के बाद नीतीश कुमार के बचाव में बात कही है, जबकि इस वायरल दावे की सच्चाई कुछ और ही है.
Fact Check: क्या बॉलीवुड के जानेमाने गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar)का बचाव किया और पटना में एक सरकारी कार्यक्रम में हिजाब घटना पर उनका समर्थन किया? दरअसल, सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहे एक वीडियो (Viral Video) में कथित तौर पर दावा किया गया है कि बॉलीवुड के स्क्रीनराइटर और गीतकार जावेद अख्तर ने बिहार के सीएम से जुड़े हिजाब विवाद (Hijab Controversy) के बाद नीतीश कुमार के बचाव में बात कही है. वीडियो के कैप्शन में लिखा है, 'नीतीश कुमार ने सही किया, चेहरा ढकने की क्या जरूरत है? - जावेद अख्तर (गीतकार और स्क्रीनराइटर).' वायरल क्लिप में जावेद अख्तर यह कहते हुए दिख रहे हैं कि महिलाओं का चेहरा ढकने की प्रथा असल में पितृसत्तात्मक है.
इस वीडियो को एक्स पर शेयर किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जावेद अख्तर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव करते दिख रहे हैं और इस तरह उन्होंने एक महिला का हिजाब खींचने के उनके काम का समर्थन किया और सवाल उठाया कि महिलाओं को अपना चेहरा ढकने की जरूरत क्यों है. बता दें कि यह दावा तब सामने आया जब पटना में एक सरकारी कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार एक मुस्लिम महिला का हिजाब खींचते हुए दिखे. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, क्लिप के पीछे की पूरी सच्चाई जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या 85 वर्षीय करोड़पति Samuel Whitmore ने 25 वर्षीय माया से की लास वेगास में शादी? जानें वायरल सोशल मीडिया पोस्ट की सच्चाई
जावेद अख्तर का पुराना वीडियो नीतीश कुमार के हिजाब विवाद से गलत तरीके से जोड़ा गया
फैक्ट चेक से पता चला है कि जावेद अख्तर का पुराना वीडियो गुमराह करने वाले दावे के साथ किया गया शेयर
जावेद अख्तर वाले वीडियो का फैक्ट चेक करने पर पता चला कि इसका 15 दिसंबर की हिजाब घटना से कोई लेना-देना नहीं है, जिसमें बिहार के CM नीतीश कुमार शामिल थे. हमने वीडियो के मुख्य फ्रेम्स का गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया, जिससे हमें वायरल क्लिप का एक लंबा वर्जन मिला, जिसे 29 नवंबर को SOA लिटरेरी फेस्टिवल के YouTube चैनल पर शेयर किया गया था. यह इवेंट ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था. पूरा वीडियो देखने पर पता चला कि जावेद अख्तर ने अपनी स्पीच के दौरान कहीं भी नीतीश कुमार का जिक्र नहीं किया.
SOA लिटरेरी फेस्टिवल 2025 में जावेद अख्तर के भाषण का ओरिजिनल वीडियो देखें.
वीडियो में गीतकार का ऐसा कोई कमेंट भी नहीं दिखाया गया है जिसमें उन्होंने किसी महिला का हिजाब खींचने के काम को सही ठहराया हो. असल में, हमें जावेद अख्तर की 18 दिसंबर की एक पोस्ट मिली, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार के कामों की निंदा की थी. उस पोस्ट में जावेद अख्तर ने बिहार के मुख्यमंत्री से महिला डॉक्टर से बिना शर्त माफी मांगने के लिए भी कहा था. वायरल क्लिप, जिसे ऑनलाइन गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है, वह एक ऐसे इवेंट का है जो विवाद होने से पहले हुआ था.
जावेद अख्तर ने की नई नियुक्त आयुष डॉक्टर का हिजाब खींचने के लिए नीतीश कुमार की निंदा
इसलिए, यह नतीजा निकाला जा सकता है कि जावेद अख्तर का वायरल क्लिप एक गुमराह करने वाले दावे के साथ ऑनलाइन शेयर किया गया था. वीडियो में एक महिला अख्तर से एक महिला के चेहरा ढकने के बारे में सवाल पूछ रही है, जिसका नीतीश कुमार हिजाब घटना से कोई लेना-देना नहीं है. जैसा कि ऊपर बताया गया है, कथित पोस्ट जावेद अख्तर के एक पुराने और असंबंधित वीडियो को हिजाब विवाद से गलत तरीके से जोड़ता है, यह दिखाने के लिए कि वह बिहार के मुख्यमंत्री का समर्थन कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पुराना वीडियो हिजाब घटना होने से पहले एक लिटरेरी फेस्टिवल का है.