Dog Funeral in Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा से इंसान और जानवर के बीच अटूट प्रेम की एक भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. जिले के शाहदरा बगीची इलाके में रहने वाले एक परिवार ने अपने पालतू लैब्राडोर 'टाइगर' की मृत्यु के बाद उसे किसी जानवर की तरह नहीं, बल्कि घर के बेटे की तरह अंतिम विदाई दी. टाइगर की मौत के बाद परिवार ने न केवल उसका हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया, बल्कि रविवार, 8 फरवरी को उसकी तेरहवीं पर 'ब्राह्मण भोज' का भी आयोजन किया.
14 साल पुराना था परिवार से रिश्ता
शाहदरा निवासी घनश्याम दीक्षित ने बताया कि वे टाइगर को 14 साल पहले अपने घर लाए थे. इन वर्षों में टाइगर परिवार का एक अटूट हिस्सा बन गया था और घर के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहा. 28 जनवरी को संक्षिप्त बीमारी के बाद टाइगर का निधन हो गया था. इस दुखद घड़ी में परिवार ने निर्णय लिया कि वे उसे वही सम्मान देंगे जो परिवार के किसी सदस्य को दिया जाता है. यह भी पढ़े: Viral Video: बीमार मालिक की एम्बुलेंस के पीछे-पीछे वफादार कुत्ता पहुंचा अस्पताल, वीडियो देख हो जाएंगे इमोशनल
पालतू कुत्ते को बेटे की तरह दी अंतिम विदाई
गजब गजब लोग हैं.
आगरा में कुत्ते का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. पंडित जी पूजा पाठ करा रहे हैं. तेरहवीं में पूरा मुहल्ला और रिश्तेदार भी शामिल हुए हैं. pic.twitter.com/iKObMaULY6
— Priya singh (@priyarajputlive) February 9, 2026
गंगा तट पर अंतिम संस्कार और मुंडन की रस्म
टाइगर के निधन के बाद दीक्षित परिवार ने मोहल्ले में उसकी अंतिम यात्रा निकाली, जिसमें स्थानीय निवासी भी शामिल हुए. इसके बाद शव को बुलंदशहर के राजघाट स्थित गंगा तट पर ले जाया गया, जहां पूरे विधि-विधान से उसका दाह संस्कार किया गया. शोक की इस अवधि के दौरान, परिवार के सदस्यों ने 'मुंडन' भी करवाया, जो हिंदू धर्म में किसी प्रियजन के खोने पर सम्मान और दुख प्रकट करने का प्रतीक है.
हवन और 13 ब्राह्मणों को कराया भोजन
शोक की अवधि पूरी होने पर, 8 फरवरी को दीक्षित परिवार ने 'तेरहवीं' और 'ब्राह्मण भोज' का भव्य आयोजन किया. इस दौरान आत्मा की शांति के लिए पवित्र 'हवन' किया गया. परंपरा के अनुसार, 13 ब्राह्मणों को आमंत्रित किया गया और उन्हें भोजन कराकर दान-दक्षिणा दी गई. इस अनोखी विदाई की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है और इससे जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
घनश्याम दीक्षित ने भावुक होते हुए कहा, "टाइगर सिर्फ एक कुत्ता नहीं, मेरे लिए बेटे जैसा था. उसने हमारे साथ 14 साल बिताए, इसलिए यह हमारा कर्तव्य था कि हम उसे परिवार के सदस्य की तरह ही विदा करें."












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