FACT CHECK: यूपी के अमरोहा जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कुछ कांवड़ियों ने एक ढाबे पर खाना खाया, लेकिन जब बिल चुकाने की बारी आई, तो उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया. कांवड़ियों का आरोप है कि उन्हें खाने में अंडे की ग्रेवी दी गई, जबकि उन्होंने शाकाहारी खाना ऑर्डर किया था. इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. कोई कांवड़ियों पर निशाना साध रहा है, तो कोई इसे 'कांवड़ यात्रा' को बदनाम करने की साजिश से जोड़ रहा है. हालांकि, अब पूरा मामला सामने आ चुका है.
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अंडे की ग्रेवी का इल्जाम निकला झूठा
अवगत कराना है कि कल दिनांक 11.07.2025 को दोपहर थाना गजरौला क्षेत्रान्तर्गत एक ढाबे पर कुछ कांवड़ियों द्वारा सब्जी ली गयी थी, जिसमें खट्टापन महसूस होने पर अंडे की ग्रेवी होने का आरोप लगाया व खाने के पैसों को लेकर कहासुनी हुई थी। सूचना पर थाना गजरौला पुलिस व फूड सेफ्टी टीम मौके पर…
— Amroha Police (@amrohapolice) July 12, 2025
खाने में अंडा देने का लगा था आरोप
बिल बचाने के लिए कांवड़ियों की चाल, खाने में अंडे का झूठा इल्ज़ाम लगाया !
UP: अमरोहा में कुछ कांवड़ियों ने एक ढाबे पर खाना खाया, लेकिन बिल देने की बजाय हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने ढाबे वाले पर खाने में अंडा देने का झूठा आरोप लगाया। मामला बढ़ता देख प्रशासन ने तुरंत जांच की,… pic.twitter.com/qrCBKFDMgp
— Madan Mohan Soni (आगरा वासी ) (@madanjournalist) July 12, 2025
मामला आपसी गलतफहमी का था
अमरोहा पुलिस ने बताया कि मामला आपसी गलतफहमी का था और किसी भी पक्ष की नीयत आपत्तिजनक नहीं थी. कांवड़ियों को समझा-बुझाकर गंतव्य की ओर रवाना किया गया. कोई हिंसा नहीं हुई, न ही ढाबे को नुकसान पहुंचा. प्रशासन ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया और किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं होने दी. कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है.
'खाने में अंडे का कोई सवाल ही नहीं'
गजरौला थाना पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने मौके से खाने के सैंपल लिए और प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे. जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि खाने में अंडे का कोई अंश मौजूद नहीं था. केवल सब्जी में खट्टापन था, जिसे अंडे का स्वाद समझ लिया गया. अमरोहा पुलिस ने स्पष्ट किया कि ढाबा मालिक निर्दोष है और खाने में अंडे का कोई सवाल ही नहीं था.
धार्मिक यात्रा में संयम और शांति जरूरी
इस मामले में एक अहम बात यह रही कि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन को लेकर फैली अफवाहें अक्सर बिना तथ्यों के वायरल हो जाती हैं. कई बार भावनाओं में बहकर लोग सच्चाई जाने बिना अपनी राय बना लेते हैं.
यह घटना एक गलतफहमी और अफवाह का उदाहरण है. धार्मिक यात्रा के दौरान संयम और शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.













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