उत्तर प्रदेश: कानपुर में रावण दहन बल्कि होती है भव्य पूजा, जानें क्या है वजह
उत्तर प्रदेश के अलावा देश में कई जगहों पर रावण की पूजा की जाती है. इनमे ही दूसरा नाम है, मध्यप्रदेश का. जहां के विदिशा और मंदसौर में रावण की पूजा का प्रचलन है. विदिशा को मंदोदरी का जन्म स्थान मानते हैं. दूसरा मंदसौर कस्बे के खानपुरा इलाके में भी दशहरे पर रावण की पूजा की जाती है. इस क्षेत्र में जिस जगह रावण की प्रतिमा स्थापित है, उसे "रावण रुंडी" कहा जाता है. मंदसौर का प्राचीन नाम "दशपुर" था और यह स्थान रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था. इसके मद्देनजर हिन्दुओं के नामदेव समुदाय के लोग रावण को "मंदसौर का दामाद" मानते हैं.
कानपूर: नवरात्रि के बाद दसवें दिन विजयादशमी (Vijayadashami) का त्योहार मनाया जाता है, जिसे दशहरा कहते हैं. इस दिन परंपरा अनुसार रावण के पुतले का दहन कर, असत्य पर सत्य की विजय का पर्व मनाया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं देश में कुछ जगहें आज भी हैं जहां रावण को जलाने की बजाए उसकी पूजा की जाती है. हैरान होने की बात नहीं है, उत्तर प्रदेश के कानपूर में बने रावण मंदिर में यह सब आज भी होता है. शिवाला क्षेत्र में मौजूद है दशानन मंदिर. साल में सिर्फ एक ही बार दशहरा के दौरान इस मंदिर के द्वार खोले जाते हैं. इस मंदिर में रावण की एक मूर्ति है जिसे दशहरे के दिन अच्छे से सजाया जाता है. उसके बाद लोग इकठ्ठा होते हैं रावण की पूजा की जाती है. इस मंदिर में हर साल भारी संख्या में दर्शन करने लोग आते हैं.
उत्तर प्रदेश के अलावा देश में कई जगहों पर रावण की पूजा की जाती है. इनमे ही दूसरा नाम है, मध्यप्रदेश का. जहां के विदिशा और मंदसौर में रावण की पूजा का प्रचलन है. विदिशा को मंदोदरी का जन्म स्थान मानते हैं. दूसरा मंदसौर कस्बे के खानपुरा इलाके में भी दशहरे पर रावण की पूजा की जाती है. इस क्षेत्र में जिस जगह रावण की प्रतिमा स्थापित है, उसे "रावण रुंडी" कहा जाता है. मंदसौर का प्राचीन नाम "दशपुर" था और यह स्थान रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था. इसके मद्देनजर हिन्दुओं के नामदेव समुदाय के लोग रावण को "मंदसौर का दामाद" मानते हैं.
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Devotees offer prayers at Dashanan Temple (a Ravan Temple) in Kanpur on #Dussehra. pic.twitter.com/IMIN2o22RB
— ANI UP (@ANINewsUP) October 8, 2019
गौरतलब हो कि हिंदू धर्म में दशहरा (Dussehra) के पर्व का विशेष महत्व बताया गया है और हर साल इसे बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. हर साल आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी (Vijayadashami) यानी दशहरा (Dussehra) मनाया जाता है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में नवरात्रि (Navratri) के दौरान नौ दिनों तक रामलीला (Ramlila) का आयोजन किया जाता है और दशमी के दिन रावण के पुतले का दहन (Ravana Dahan) कर रामलीला का समापन होता है. मान्यता है कि विजयादशमी के दिन भगवान राम ने लंकापति रावण पर विजय प्राप्त की थी और देवी दुर्गा ने महिषासुर का मर्दन किया था. हालांकि देश के विभिन्न हिस्सों में दशहरा पर रावण दहन का भव्य कार्यक्रम आयोजन किया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 08, 2019 10:24 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

