Pune Dog Attack: आवारा कुत्तों के झुंड ने एक साथ किया हमला, शख्स ने किसी तरह बचाई अपनी जान; पूरी घटना CCTV में कैद
पुणे में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है. पिंपरी-चिंचवड़ के चिखली मोड़ बस्ती इलाके में शनिवार तड़के सात कुत्तों के झुंड ने एक युवक पर अचानक हमला कर दिया.
Pimpri-Chinchwad Dog Attack: पुणे में आवारा कुत्तों (Pune Stray Dogs) का आतंक एक बार फिर लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है. पिंपरी-चिंचवड़ के चिखली मोड़ बस्ती (Chikhli Mod Basti) इलाके में शनिवार तड़के सात कुत्तों के झुंड ने एक युवक पर अचानक हमला कर दिया. पूरी घटना कैमरे में कैद (Caught on camera) हो गई है और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल (Viral Video) हो रहा है. जानकारी के अनुसार, युवक सुबह करीब 5 बजे अपने काम पर जाने के लिए घर से निकला था. जैसे ही वह सड़क पर पहुंचा, आवारा कुत्तों के झुंड (Pack of Stray Dogs) ने उस पर हमला कर दिया.
युवक ने खुद को बचाने की कोशिश की और पास में पड़े एक फ्लेक्स बोर्ड को उठाकर और पास में खड़ी एक बाइक का सहारा लेकर कुत्तों से भिड़ गया. इसके बावजूद कुत्ते पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और उस पर हमला करते रहे.
पुणे में आवारा कुत्तों का हमला
स्थानीय लोगों में डर का माहौल
युवक कुछ मिनट तक कुत्तों से लड़ता रहा. इस बीच, शोर सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर आ गए और उन्होंने मिलकर युवक को बचाया. हालांकि, हमले में युवक घायल (Dog Attacks) हो गया और उसे इलाज की जरूरत पड़ी. घटना के बाद भी कुत्ते उसी इलाके में घूमते रहे, जिससे स्थानीय लोग और भी ज्यादा डरे हुए हैं.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. लोगों का कहना है कि सुबह और देर रात काम पर जाने या घर लौटने वाले लोगों पर इन कुत्तों का हमला आम बात हो गई है. अब तो बच्चों और बुजुर्गों को भी घर से बाहर निकलने पर खतरा रहता है.
कई बार सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब कुत्तों के हमलों ने लोगों की जान जोखिम में डाली हो. देश के अलग-अलग हिस्सों से हर साल ऐसे मामले सामने आते रहते हैं. पिछले साल दिल्ली के पूठ कलां इलाके में छवि नाम की 17 साल की लड़की की कुत्ते के काटने से मौत हो गई थी. उस घटना ने भी प्रशासन पर कई सवाल खड़े किए थे.
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आबादी, कूड़े के ढेर और नसबंदी कार्यक्रम में लापरवाही के कारण आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. नतीजा यह है कि आम लोग हर दिन डर के साये में जीने को मजबूर हैं. पुणे में हुई इस ताज़ा घटना के बाद एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. नागरिकों ने मांग की है कि कुत्तों पर नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा के लिए तुरंत सख्त कदम उठाए जाएं.