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महिलाओं में नहीं होता है गंजापन, आखिर क्यों ज्यादातर पुरुष ही होते हैं इसके शिकार?

आखिर ज्यादातर पुरुष ही क्यों गंजेपन का शिकार होते हैं और बालों से जुड़ी तमाम समस्याओं से परेशान होने के बावजूद महिलाओं में गंजेपन की समस्या क्यों नहीं होती है?

महिलाओं में नहीं होता है गंजापन, आखिर क्यों ज्यादातर पुरुष ही होते हैं इसके शिकार?
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Facebook)

आजकल बालों का झड़ना बहुत ही आम समस्या हो गई है, हमारे आसपास अधिकांश ऐसे लोग मिल ही जाते हैं जो बालों की समस्या से परेशान नजर आते हैं. वैसे तो पोषण की कमी, तनाव, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी जैसे कई कारणों से महिलाओं में बालों का झड़ना, डैंड्रफ जैसी तकलीफें हो जाती हैं, लेकिन क्या आपने कभी किसी महिला को गंजेपन का शिकार होते हुए देखा है? जी हां, बहुत ही कम या यूं कहें कि ना के बराबर महिलाओं में गंजेपन की समस्या होती है, लेकिन अधिकांश पुरुषों में गंजेपन की समस्या बेहद आम है.

आखिर ज्यादातर पुरुष ही क्यों गंजेपन का शिकार होते हैं और बालों से जुड़ी तमाम समस्याओं से परेशान होने के बावजूद महिलाओं में गंजेपन की समस्या क्यों नहीं होती है, चलिए जानते हैं इसकी असली वजह.

हार्मोनल बदलाव है जिम्मेदार

दरअसल, शरीर पर बालों का उगना और शरीर से बालों का चले जाना हार्मोनल बदलाव के कारण होता है. गंजेपन के लिए भी हार्मोनल बदलाव को ही जिम्मेदार माना जाता है. दरअसल, गंजेपन पर रिसर्च कर चुकी नॉर्वे की बर्गेन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने रिसर्च के दौरान यह पाया कि गंजेपन के लिए पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन नाम का हार्मोन जिम्मेदार होता है. यह सेक्स हार्मोन होता है, जिसे पुरुषों में स्रावित होनेवाले एंड्रोजन समूह का स्टेरॉयड हार्मोन है.  यह भी पढें: पुरुषों में बढ़ रही है गंजेपन की समस्या,ऐसे रखें बालों का ख्याल

पुरुषों में होता है टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन 

बता दें कि व्यक्ति के शरीर में कुछ एंजाइम ऐसे होते हैं, जो टेस्टोस्टेरॉन को डिहाइड्रो-टेस्टोस्टेरॉन में बदलने का काम करते हैं. जिससे बाल पतले और कमजोर हो जाते हैं. आमतौर पर हार्मोंस में बदलाव लाने वाले ये इंजाइम एक व्यक्ति में उसके जींस से आते हैं. इसलिए कभी-कभी आनुवांशिक कारणों से भी पुरुष गंजे हो जाते हैं. टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन पुरुष में पाया जाता है.

इसलिए महिलाएं नहीं होती हैं गंजी 

दरअसल, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का स्राव न के बराबर होता है. महिलाओं में टेस्टोस्टेरॉन के साथ एस्ट्रोजन हार्मोन का स्राव ज्यादा होता है, इसलिए उनके शरीर में टेस्टोस्टेरॉन के डिहाइड्रो-टेस्टोस्टेरॉन में परिवर्तन की प्रक्रिया बहुत कम होती है. हालांकि महिलाओं में कई कारणों से बालों का झड़ना, कमजोर होना, डैंड्रफ जैसी समस्याएं तो होती हैं, लेकिन उनके सिर से बाल पूरी तरह से गायब नहीं होते हैं और वे गंजेपन का शिकार नहीं होती हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2018 04:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).