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कार से जुड़ी ये अजूबी बातें! कार का शीशा तिरछा क्यों होता है? या कुछ कार के पिछले शीशे पर पतली लकीरें क्यों होती हैं?

हर दिन हमारे सामने से सैकड़ों कारें गुजरती हैं, कभी-कभी हम उस पर सफर भी करते हैं. क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि सामान्य कार अथवा स्पोर्ट्स कार की खिड़की का शीशा तिरछा क्यों होता है? जबकि बस और ट्रक के शीशे सीधा-सपाट होते हैं.

कार से जुड़ी ये अजूबी बातें! कार का शीशा तिरछा क्यों होता है? या कुछ कार के पिछले शीशे पर पतली लकीरें क्यों होती हैं?
Mirror (Photo: ANI)

   हर दिन हमारे सामने से सैकड़ों कारें गुजरती हैं, कभी-कभी हम उस पर सफर भी करते हैं. क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि सामान्य कार अथवा स्पोर्ट्स कार की खिड़की का शीशा तिरछा क्यों होता है? जबकि बस और ट्रक के शीशे सीधा-सपाट होते हैं. इसी तरह कुछ लग्जरी गाड़ियों में पीछे के शीशे पर धातु की पतली लकीरें बनी होती हैं, इसके बारे में भी कम लोगों को पता होता है. भले ही इन चीजों पर सबकी नजर जाती हो, मगर प्रश्न-चिह्न कम लोगों के मन में बनते हैं. क्योंकि अधिकांश लोगों को इस संदर्भ में पता नहीं होता. आज हम इसी विषय पर विस्तार से बात करेंगे.

कार के सामने के शीशे तिरछे क्यों होते हैं?

  दरअसल कार की खिड़की में इसकी तेज स्पीड के कारण इसमें तिरछे शीशे लगाये जाते हैं, क्योंकि जब कार तेज गति से चलती है तो इस वजह से हवा का भारी दबाव बनता है. जिससे कार को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए इंजन को ज्यादा शक्ति लगानी पड़ती है. इससे ईंधन की खपत बहुत ज्यादा होती है. इसके विपरीत कांच के शीशे तिरछे होने से बाहर की हवा शीशे से टकराकर आसानी से निकल जाती है. इससे कार की रफ्तार पर विशेष फर्क नहीं पड़ता है, इसीलिए सामान्य अथवा स्पोर्ट्स कार के आगे लगा शीशा तिरछा होता है.

  अब प्रश्न उठता है कि बस और ट्रकों में शीशे सपाट क्यों होते हैं, क्या उन्हें स्पीड की जरूरत नहीं होती? इसका सीधा जवाब यह है कि अगर बस और में भी कार की तरह तिरछा या कर्व वाले कांच होते तो ट्रक अथवा बस के ड्राइवर को सामने चलने वाले वाहन की सही दूरी पता करने में मुश्किल होती, इसी वजह से ट्रक अथवा बसों के शीशे तिरछा होने के बजाय सीधा और सपाट होता है

कुछ कारों के पिछले शीशे पर लकीरें क्यों होती है?

कुछ विशेष मॉडलों वाले अथवा लग्जरी गाड़ियों में पिछले शीशे पर कंपनी द्वारा बनाई पतली-पतली रेखाएं होती हैं. जिस पर नजर तो सबकी पड़ती है, मगर उसके होने के औचित्य को कम लोग ही जानते हैं. अगर यह डिजाइन भर होती तो सभी कारों में बनी होती, लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल यह लकीरें कंपनी द्वारा ही बनाई गई होती हैं. वस्तुतः इन लकीरों को अंग्रेजी में डी फॉग (De  Fogg) कहते हैं. डी का आशय हटाना और फॉग का मतलब फॉग यानी धुंध. अकसर बारिश अथवा ठंड के मौसम में कोहरे के दौरान कार के पिछले हिस्से पर बारिश अथवा कोहरे के कारण उस पर धुंध सी जम जाती है. जिससे ड्राइवर को पीछे का कुछ भी नहीं दिखता, जिसकी वजह से दुर्घटना की संभावना हर पल बनी होती है. धुंध की स्थिति होने पर ड्राइवर गाड़ी में लगे डि-फोगर के बटन को ऑन कर देता है. इससे लकीरों वाला मेटल गर्म होने लगता है, और देखते ही देखते पानी की बूंदें अथवा धुंध पिघल जाती है और पूरा कांच साफ हो जाता है, और पीछे का पूरा दृश्य स्पष्ट दिखने लगता है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2022 12:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).