लाइफस्टाइल

Durex ने महिलाओं की समानता पर उठाए सवाल, कहा- 'भारत में लगभग 70% महिलाएं हर बार सेक्स के दौरान ओर्गेज्म तक नहीं पहुंचती

ड्यूरेक्स और इसकी मार्केटिंग टीम ने हमेशा अपने विज्ञापन अभियानों के माध्यम से जागरूकता पैदा करने की दिशा में काम किया है. एसटीडी और एसटीआई के बारे में बोलने से लेकर अभी तक उत्तेजित करने वाले नए कंडोम के फ्लेवर लाना आदि ड्यूरेक्स ने किया है....

Durex ने महिलाओं की समानता पर उठाए सवाल, कहा- 'भारत में लगभग 70% महिलाएं हर बार सेक्स के दौरान ओर्गेज्म तक नहीं पहुंचती
Durex India's tweet (Photo Credits: Twitter/ Durex)

भारत पुरुष प्रधान देश है यहां हर घर में डिसीजन लेने का हक़ सिर्फ पुरुषों को होता है, यहां तक की बिस्तर पर भी औरत पर वही हावी होता है, औरत का मन हो या न हो जब मन करें वो सेक्स के जरिए अभी भूख मिटा लेता है. इसलिए भारत में आधे से ज्यादा महिलाएं हमेशा सेक्स के दौरान ओर्गेज्म नहीं कर पाती हैं, इस बारे में मशहूर कंडोम कंपनी ड्यूरेक्स ने प्रकाश डाला है. ड्यूरेक्स ने हमेशा सेक्स संबंधी समस्याओं को लोगों में उजागर किया है. एक बार फिर ड्यूरेक्स ने समाज में ओर्गेज्म से जुड़े एक सर्वे पर प्रकाश डाला है.ड्यूरेक्स ने ट्विटर पर एक सूचनात्मक तस्वीर पोस्ट की जिसमें कहा गया है: "भारत में लगभग 70% महिलाएं हैं जो सेक्स के दौरान हर बार ओर्गेज्म तक नहीं पहुंच पातीं'. उन्होंने अपने पोस्ट को कैप्शन दिया 'हमें बात करने की जरुरत है'. #OrgasmInequality "यह पोस्ट सेक्स करते समय असमानता का एक महत्वपूर्ण सवाल उठाती है और कहती है कि ज्यादातर महिलाएं यौन संबंध बनाते समय फेक ओर्गेज्म करती हैं. भारत में ज्यादातर सेक्स पर पुरुषों का वर्चस्व रहा है.

टीम ड्यूरेक्स ने बताया कि साल 2017 में ड्यूरेक्स द्वारा किए गए ग्लोबल सेक्स सर्वे के अनुसार भारत में लगभग 70% परिपूर्ण महिलाएं हर बार यौन संबंध बनाने के दौरान ओर्गेज्म नहीं करती हैं.

Durex द्वारा की गई पोस्ट पर एक नजर डालें:

Durex को मिली कुछ प्रतिक्रियाएं:

सच:

आप क्या कहते हो?

किसी ने वीरे दी वेडिंग फिल्म से स्वरा भास्कर के मास्टरबेशन सीन को भी बिना कारण पोस्ट कर दिया.

यह भी पढ़ें: कंडोम ब्रैंड Durex ने पूरा किया ये चैलेंज, Pic देखकर नहीं रोक पाएंगे अपनी हंसी

आपको बता दें कि भारत में कुछ पिछले इलाकों की महिलाएं हैं जिन्हें ओर्गेज्म के बारे में ही नहीं पता है, इस बारे में उन्हें अवगत कराने की जरूरत है और मेल डोमिनेटेड समाज की सोच को बदलने की जरूरत है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 30, 2019 01:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).