राजस्थान में स्कूल ठीक करने निकले ‘कॉकरोचों’ के साथ मारपीट, हमलावर कौन?
खुद को प्रेशर ग्रुप बताने वाली सीजेपी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है.
खुद को प्रेशर ग्रुप बताने वाली सीजेपी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है. बीजेपी शासित राजस्थान में उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. कांग्रेस का कहना है कि सरकार स्कूलों की बदहाली के सच से मुंह नहीं मोड़ सकती.राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया है. सीजेपी के आशुतोष रांका समेत कई सदस्य स्कूलों का दौरा करने पहुंचे थे. सामने आए वीडियो में कुछ लोगों को सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करते हुए देखा जा सकता है. आशुतोष रांका ने डीडब्ल्यू हिंदी को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, "बीजेपी से जुड़े लोगों से हुई झड़प में हमारे लोग घायल हो गए है.” इससे पहले भी जयपुर में ही सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर हमला हो चुका है.
सीजेपी का आरोप है कि इस हमले में बीजेपी से जुड़े लोग शामिल थे. हालांकि, हमलावरों की राजनीतिक पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है. राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने डीडब्ल्यू से बातचीत में कहा कि उन्हें घटना के बारे में टीवी के जरिए पता चला, लेकिन वह यह नहीं कह सकते कि इसमें बीजेपी समर्थक शामिल थे या किसी दूसरी पार्टी के लोग. मदन दिलावर ने डीडब्ल्यू हिंदी से कहा, "मैं यह नहीं कह सकता कि वह बीजेपी के समर्थक नहीं होंगे, मैं यह भी नहीं कह सकता बीजेपी के विरोधी होंगे, मुझे जानकारी नहीं कौन सी पार्टी के लोग हैं.”
स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर सरकार की रोक
यह पूरा विवाद राजस्थान सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगाई गई पाबंदी के बीच सामने आया है. सरकार ने बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश के अलावा फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू और लाइव स्ट्रीमिंग पर भी रोक लगाई है.
सीजेपी सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर ‘स्कूल ठीक करो' अभियान चला रही है. संगठन का कहना है कि उसे राज्य के अलग-अलग हिस्सों से स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर शिकायतें मिली थीं. इसके बाद सीजेपी की टीमें स्कूलों का दौरा कर वहां की स्थिति देखने और उसे रिकॉर्ड करने की कोशिश कर रही हैं. यही काम सीजेपी से जुड़े अन्य लोग दिल्ली-एनसीआर और महाराष्ट्र के इलाकों में भी कर रहे हैं.
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने डीडब्ल्यू से कहा कि स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध सिर्फ राजस्थान में नहीं है. उन्होंने कहा, "ये केवल राजस्थान ने ही नहीं किया है. ये यूपी और बिहार में भी किया हुआ है.” मदन दिलावर ने इसका कारण बच्चों की सुरक्षा और निजता को बताया. उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण कानून के तहत बच्चों की सुरक्षा और उनकी निजता का ध्यान रखना सरकार और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है.
सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट के बारे में पूछे जाने पर दिलावर ने कहा कि स्थानीय लोग यह कह रहे हैं कि उनके स्कूल की चिंता वे खुद करेंगे. उन्होंने कहा कि, "ग्रामीणों का कहना था कि बाहर से आए लोग, खासकर दिल्ली और मुंबई से आने वाले लोग, उनके स्कूलों की चिंता न करें.”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
इस मामले पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान की आलोचना की है. डोटासरा ने डीडब्ल्यू से कहा कि, "हिंसा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है और स्कूल की स्थिति देखने आए लोगों पर हमला गंभीर मामला है.” उन्होंने कहा कि हिंसा की निंदा करने के बजाय उसे ‘गांव वालों की चिंता' बताकर जायज ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है. पूर्व में जब राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार थी, तब गोविंद डोटासरा के पास शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी थी.
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक डिजिटल प्रणाली यूडीआईएसई की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में कुल स्कूल एनरोलमेंट 2023-24 में 1.67 करोड़ से घटकर 2025-26 में 1.59 करोड़ हो गया. इस गिरावट में सरकारी स्कूलों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही, जहां 9.3 लाख से ज्यादा छात्र कम हो गए, जबकि प्राइवेट स्कूलों में एनरोलमेंट लगभग स्थिर रहा. राज्य में दिसंबर 2023 से बीजेपी सत्ता में है और कांग्रेस इस गिरावट के लिए बीजेपी को जिम्मेदार मानती है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि प्रदेश के शिक्षामंत्री अपनी नाकामी छिपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. उनके मुताबिक, मीडिया का स्कूलों की बदहाल स्थिति देखने जाना कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह सरकार को आईना दिखाने का काम है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार स्कूलों की बदहाली के सच से मुंह नहीं मोड़ सकती. उनके मुताबिक, राजस्थान में स्कूलों की हकीकत देखना अपराध नहीं है, लेकिन हकीकत से आंखें चुराना सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है.
48 घंटे का अल्टीमेटम और एफआईआर की कोशिश
इस बीच, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर कहा है कि अगर अगले 48 घंटे में स्कूल की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ और "बीजेपी के गुंडों” को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह जयपुर जाएंगे. उन्होंने लिखा, "अगर अगले 48 घंटों में स्कूल की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ और बीजेपी के गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो मैं जयपुर जाऊंगा. सीजेपी के आशुतोष रांका ने भी सोशल मीडिया पर घटना को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा, "बीजेपी के गुंडों ने लोगों को इस स्कूल की हालत देखने से रोकने के लिए हमारी टीम को मारने की कोशिश की.”
इस मामले में हमलावरों की पहचान को लेकर अभी सवाल बना हुआ है. घटना के वीडियो सामने आने के बावजूद यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं है कि मारपीट करने वाले लोग किस राजनीतिक संगठन से जुड़े थे. सीजेपी ने बीजेपी से जुड़े लोगों पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि शिक्षा मंत्री ने कहा है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है. आशुतोष ने डीडब्ल्यू को बताया है कि सीजेपी हमले को लेकर एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रही है. संगठन की ओर से हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2026 09:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

