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Vande Mataram 150 Years: राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' सीखने के लिए सरकार ने लॉन्च किया 5-चरणीय डिजिटल ट्यूटोरियल; जानिए इतिहास, अर्थ और सीखने की पूरी विधि

भारत के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा आधिकारिक डिजिटल लर्निंग ट्यूटोरियल (vandemataram150.in/tutorial) जारी किया गया है. इस इंटरएक्टिव पोर्टल के जरिए छात्र और आम नागरिक 5 आसान चरणों—सुनना, अर्थ समझना, पंक्ति-दर-पंक्ति उच्चारण, गायन और कराओके अभ्यास के माध्यम से 6 अंतरा वाले संपूर्ण राष्ट्रीय गीत को आसानी से सीख सकते हैं.

Vande Mataram 150 Years: राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' सीखने के लिए सरकार ने लॉन्च किया 5-चरणीय डिजिटल ट्यूटोरियल; जानिए इतिहास, अर्थ और सीखने की पूरी विधि
वंदे मातरम् के 150 साल (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत और राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' अपनी रचना के 150वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को रेखांकित करने और नई पीढ़ी को राष्ट्रगीत के सही सुर, लय और उच्चारण से जोड़ने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने एक विशेष डिजिटल लर्निंग ट्यूटोरियल प्लेटफॉर्म (vandemataram150.in/tutorial) शुरू किया है.

यह ऑनलाइन पोर्टल विद्यार्थियों, युवाओं और नागरिकों को 5 सरल चरणों में राष्ट्रीय गीत को हिंदी और अंग्रेजी लिपि के साथ विधिवत सीखने की सुविधा देता है. यह भी पढ़ें: Vande Mataram New Rules: 'वंदे मातरम्' के लिए गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देश जारी; जानिए क्या है प्रोटोकॉल

डिजिटल ट्यूटोरियल में क्या है खास? 5 चरणों में सीखने की व्यवस्था

आधिकारिक ट्यूटोरियल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि कोई भी व्यक्ति बिना किसी पूर्व संगीत ज्ञान के भी राष्ट्रीय गीत को शुद्धता से गा सके:

  1. सुनना (Listen): सबसे पहले उपयोगकर्ता आधिकारिक धुन और मूल गायन को ध्यानपूर्वक सुनते हैं.
  2. व्याख्या व अर्थ (Narration): गीत की प्रत्येक पंक्ति के ऐतिहासिक संदर्भ और मातृभूमि की वंदना से जुड़े भावार्थ को समझाया गया है.
  3. पंक्ति-दर-पंक्ति अभ्यास (Line-by-Line): प्रत्येक छंद के कठिन शब्दों के सटीक उच्चारण और लय को अलग-अलग दोहराने की सुविधा.
  4. गायन प्रारूप (Choir & Solo): एकल और समूह गायन के अनुरूप सुरों का समन्वय.
  5. कराओके मोड (Karaoke): बैकग्राउंड संगीत के साथ स्वयं गाने और लाइव अभ्यास करने का डिजिटल विकल्प.

वंदे मातरम् के 150 साल पूरे 

6 छंदों में मातृभूमि की महिमा का वर्णन

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित मूल गीत में कुल 6 अंतरे (Stanzas) हैं, जिनका संक्षिप्त भावार्थ इस प्रकार है:

  • प्रथम व द्वितीय पद: जल, फल, मलय की शीतल हवा और हरे-भरे खेतों से समृद्ध भारत भूमि का वंदन। चांदनी रात में खिले फूलों और मधुर मुस्कान वाली माता के रूप में प्रकृति का आभार.
  • तृतीय पद: करोड़ों भुजाओं और कंठों की शक्ति को दर्शाते हुए यह संदेश कि मातृभूमि कभी निर्बल नहीं है, वह शत्रुओं का संहार करने वाली अपार शक्ति है.
  • चतुर्थ पद: राष्ट्र को ज्ञान, धर्म, हृदय और शरीर का प्राण मानकर प्रत्येक मंदिर और अंतरात्मा में प्रतिष्ठित करने का संकल्प.
  • पंचम व षष्ठ पद: मां भारती को शक्ति (दुर्गा), समृद्धि (कमला/लक्ष्मी) और विद्यादायिनी (वाणी/सरस्वती) के स्वरूपों में नमन करते हुए निरंतर पोषण करने वाली धरती माता की वंदना.

'वंदे मातरम्' का ऐतिहासिक संदर्भ

'वंदे मातरम्' की रचना 1870 के दशक में उपन्यासकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी, जिसे बाद में उनके ऐतिहासिक उपन्यास 'आनंदमठ' (1882) में शामिल किया गया.

  • स्वतंत्रता संग्राम की आवाज: 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार इस गीत को स्वर दिया था.
  • 1905 के बंग-भंग आंदोलन से लेकर संपूर्ण स्वाधीनता संग्राम के दौरान यह नारा और गीत क्रांतिकारियों का सबसे प्रमुख उद्घोष बना.
  • राष्ट्रीय गीत का दर्जा: 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे भारत के आधिकारिक राष्ट्रीय गीत (National Song) के रूप में अपनाया.

कैसे करें पोर्टल का उपयोग?

इच्छुक नागरिक और शिक्षण संस्थान Vande Mataram 150 Official Tutorial पर जाकर अपनी भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) चुन सकते हैं और सीधे स्टैंजा-वार ऑडियो-विजुअल ट्यूटोरियल के माध्यम से इसका अभ्यास कर सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2026 11:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).