Narak Chaturdashi Greetings 2022: नरक चतुर्दशी पर ये ग्रीटिंग्स HD Wallpapers और GIF Images के जरिये भेजकर दें बधाई
नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi 2022) एक हिंदू त्योहार है जो दिवाली से एक दिन पहले यानि छोटी दिवाली पर मनाया जाता है. इस दिन राक्षस नरकासुर पर भगवान कृष्ण की जीत का जश्न मनाता है. इस त्योहार को काली चौदस या रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है. कुछ भारतीय क्षेत्रों और संस्कृतियों में, यह माना जाता है कि देवी काली ने राक्षस नरकासुर का वध किया था...
Narak Chaturdashi Greetings 2022: नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi 2022) एक हिंदू त्योहार है जो दिवाली से एक दिन पहले यानि छोटी दिवाली पर मनाया जाता है. इस दिन राक्षस नरकासुर पर भगवान कृष्ण की जीत का जश्न मनाता है. इस त्योहार को काली चौदस या रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है. कुछ भारतीय क्षेत्रों और संस्कृतियों में, यह माना जाता है कि देवी काली ने राक्षस नरकासुर का वध किया था. इसलिए इसे काली चौदस के रूप में मनाया जाता है. भगवान कृष्ण और देवी काली ने नरकासुर का वध करके उसके बुरे कर्मों का अंत किया. यह त्योहार उनकी जीत की याद दिलाता है. ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने राक्षस को मारने के बाद ब्रह्म मुहूर्त के समय तेल से स्नान किया था. इसलिए सूर्योदय से पहले पूरे विधि-विधान से तेल स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. यह भी पढ़ें: Narak Chaturdashi Messages 2022: नरक चतुर्दशी पर ये मैसेजेस WhatsApp Stickers, HD Wallpapers और GIF Images के जरिये भेजकर दें शुभकामनाएं
नरक चतुर्दशी किसी के जीवन से सभी बुरी और नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करने का एक शुभ दिन है. यह एक नई शुरुआत का दिन है जब हम अपने आलस्य से छुटकारा पाकर एक उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की नींव रखते हैं. नरक चतुर्दशी कार्तिक कृष्ण पक्ष के हिंदू महीने के 14 वें दिन या चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है.
1- नरक चतुर्दशी की शुभकामनाएं

2- नरक चतुर्दशी की हार्दिक बधाई

3- शुभ नरक चतुर्दशी

4- हैप्पी नरक चतुर्दशी

5- नरक चतुर्दशी 2022

इस दिन को काली चौदस (Kali Chaudas), रूप चौदस (Roop Chaudas), भूत चतुर्दशी (Bhoot Chaturdashi) और नरक निवारण चतुर्दशी (Naraka Nivaran Chaturdashi) जैसे कई अन्य नामों से पुकारा जाता है. तमिलनाडु, कर्नाटक और गोवा राज्यों में नरक चतुर्दशी दिवाली के दिन ही मनाई जाती है. शेष भारत में, नरक चतुर्दशी अगली रात मनाई जाती है, जिसे अमावस्या कहा जाता है. दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में इसे दीपावली भोगी कहा जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 23, 2022 06:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

