Mahaparinirvan Diwas 2021: महापरिनिर्वाण दिवस पर ये HD Images और Whatsapp Stickers भेजकर बाबासाहेब आबंडेकर को करें याद
6 दिसंबर को पूरे भारत में हर साल डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर की पुण्यतिथि के दिन महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है, वह एक अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे और उन्हें 'भारतीय संविधान का पिता' माना जाता था. उन्हें दलितों, महिलाओं और श्रमिकों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के खिलाफ उनके अभियानों के लिए जाना जाता है....
Mahaparinirvan Diwas 2021: 6 दिसंबर को पूरे भारत में हर साल डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर की पुण्यतिथि के दिन महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है, वह एक अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे और उन्हें 'भारतीय संविधान का पिता' माना जाता था. उन्हें दलितों, महिलाओं और श्रमिकों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के खिलाफ उनके अभियानों के लिए जाना जाता है. 14 अप्रैल, 1891 को जन्मे वे अपने माता-पिता की 14वीं और आखिरी संतान थे. उनके पिता रामजी मालोजी सकपाल सूबेदार मेजर थे. यह भी पढ़ें: Mahaparinirvan Diwas Messages 2021: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पुण्यतिथि पर ये हिंदी मैसेजेस HD Images और GIF के जरिए भेजकर करें उन्हें याद
उनकी माता का नाम भीमाबाई मुरबाडकर सकपाल था. बीआर अंबेडकर का मूल नाम अंबावडेकर थ. उनके शिक्षक जो उनसे प्यार करते थे, उन्होंने इसे अपने उपनाम 'अम्बेडकर' में बदल दिया. जब वे 15 साल के थे तब उन्होंने नौ साल की रमाबाई से शादी कर ली. अम्बेडकर मैट्रिक पास करने वाले पहले दलित थे.वह विदेश में अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट करने वाले पहले भारतीय थे. बाबासाहेब दो साल तक वह मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर रहे. भारतीय संविधान के वास्तुकार के रूप में लोकप्रिय, अम्बेडकर अल्पसंख्यकों के कल्याण को ध्यान में न रखने पर संविधान को जलाना चाहते थे. महापरिनिर्वाण दिवस पर हम आपके लिए ले आए हैं HD Images और Whatsapp Stickers जिन्हें आप अपने प्रियजनों को भेजकर उन्हें याद कर सकते हैं.
महापरिनिर्वाण दिवस

महापरिनिर्वाण दिवस

महापरिनिर्वाण दिवस

महापरिनिर्वाण दिवस

महापरिनिर्वाण दिवस

1954 में जून से अक्टूबर तक, बाबासाहेब अम्बेडकर दवा के दुष्प्रभाव और खराब दृष्टि के कारण बिस्तर पर पड़े थे. 1955 में उनका स्वास्थ्य खराब हो गया. अपनी अंतिम पांडुलिपि 'द बुद्ध एंड हिज धम्म' को पूरा करने के तीन दिन बाद, 6 दिसंबर, 1956 को, दिल्ली में अपने घर पर उनकी नींद में ही मृत्यु हो गई.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 05, 2021 06:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

