Don’t Take Mobile to Toilet: मोबाइल फोन या किताब लेकर शौचालय में बैठना आजकल कई लोगों की आदत बन गई है. लेकिन उन्हें यह नहीं पता है कि उनकी यह लापरवाही गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है. डॉक्टर्स के अनुसार, 10 मिनट से ज्यादा समय तक शौचालय में बैठने से शरीर के निचले हिस्से पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इससे ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) प्रभावित होता है और गुदा के आसपास की नसें सूज जाती हैं. यही वजह है कि बवासीर (Hemorrhoid) जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. लंबे समय तक बैठने से पेल्विक फ्लोर (Pelvic Floor) की मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं, जो मल त्याग के लिए जरूरी होती हैं.
कई मामलों में, यह स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि आंत का एक हिस्सा अपनी जगह से खिसक जाता है, जिसे रेक्टल प्रोलैप्स (Rectal Prolapse) कहते हैं.
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शौचालय में कितनी देर तक बैठें?
डॉक्टर्स का कहना है कि शौचालय में 5-10 मिनट से ज्यादा समय नहीं बिताना चाहिए. मोबाइल या किताब के कारण लोग समय का अंदाजा नहीं लगा पाते और अनजाने में लंबे समय तक बैठे रहते हैं. साथ ही, बार-बार जोर लगाने से मांसपेशियों को नुकसान (Muscle Damage) पहुंच सकता है और यह समस्या और बढ़ जाती है.
इसलिए शौचालय को आराम करने की जगह समझना गलत है. अगर कब्ज की समस्या बनी रहती है या हर बार लंबे समय तक बैठना पड़ता है, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है.
कोलोरेक्टल कैंसर का बढ़ सकता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोलन में कोई गांठ या वृद्धि हो जाती है, तो यह मल त्याग में रुकावट पैदा कर सकती है और रक्तस्राव (Bleeding) का कारण भी बन सकती है. यह स्थिति कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) का कारण भी बन सकती है.
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और अपने आहार में दालें, ओट्स और हरी सब्ज़ियाँ जैसी फाइबर युक्त चीजें शामिल करें. साथ ही, मोबाइल और किताबें बाथरूम के बाहर ही रखें.













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