सांप के पित्ताशय और विदेशी सी फूड खाने से चीनी व्यक्ति के फेफड़े कीड़ों से हुए संक्रमित, जानें क्या है Paragonimiasis बीमारी
कच्चे सांप के पित्ताशय और विदेशी सी फूड का सेवन करना एक चीनी व्यक्ति को इस कदर भारी पड़ गया कि वो अब जिंदगी के लिए लड़ रहा है. पीड़ित शख्स के फेफड़े कीड़ों से संक्रमित हो गए हैं, जिसे पैरागोविमायसिस नामक फेफड़ों की बीमारी कहते हैं.
Paragonimiasis: चीन के एक शख्स को कच्चे सांप (Raw Snake) और विदेश समुद्री खाद्य पदार्थों (Exotic Sea Foods) का सेवन करना भारी पड़ गया है. बताया जा रहा है कि यह शख्स फेफड़े की गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसके फेफड़े कीड़ों (lungs to be filled with worms) से भर गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इस शख्स ने एक बार एक कच्चे सांप का पित्ताशय (Raw Snake Gallbladder) खाया था और अब वह अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहा है. डेली मेल (Daily Mail) के अनुसार, फेफड़े में कीड़े के संक्रमण से पीड़ित इस चीनी शख्स का अंतिम नाम वांग है. बताया जा रहा है फेफड़ों के इस गंभीर संक्रमण के लिए कच्चा भोजना या अशुद्ध पानी जिम्मेदार हो सकता है. तबीयत बिगड़ने पर वांग को जब अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने पाया कि मिस्टर वांग के डायट में विदेशी समुद्री भोजन जैसे- क्रेफिश और नदी के घोंघे इत्यादि शामिल हैं. डॉक्टरों ने यह भी खुलासा किया कि मिस्टर वांग ने एक बार एक सांप का कच्चा पित्ताशय खा लिया था. डॉक्टरों ने बताया कि मरीज Paragonimiasis नामक फेफड़े की बीमारी से ग्रसित हो सकता है.
मरीज के सीटी स्कैन से पता चलता है कि उसके फेफड़े में गंभीर संक्रमण हो गया है और उसमें कीड़े भर गए हैं. फेफड़ों की गंभीर बीमारी से उत्पन्न लक्षणों से हफ्तों तक पीड़ित रहने के बाद मरीज के फेफड़ों की हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उसे पूर्वी चीन के जियांगसू प्रांत (Jiangsu Province) के सुकियान (Suqian) के एक अस्पताल में ले जाया गया. जहां बताया गया कि वो पैरागोविमायसिस (paragonimiasis) नामक फेफड़ों की बीमारी है, जो खाद्य जनित परजीवी संक्रमण है.
Paragonimiasis क्या है?
पैरागोविमायसिस (Paragonimiasis) को फेफड़ों की बीमारी के तौर पर जाना जाता है. यह एक प्रकार का घातक संक्रमण है जो पैरागोनिमस (Paragonimus), ट्रापेटोडस (Trematodes) के कारण होता है. फ्लैट वॉर्म व्यक्ति के फेफड़ों को संक्रमित करता है. फेफड़े के इस संक्रमण का कारण कच्चे या अधपके केकड़े अथवा क्रेफिश का सेवन बताया जाता है. आमतौर पर यह रोग समाहित हो सकता है, लेकिन जब परजीवी सेंट्रल नर्वस सिस्टम तक पहुंच जाते हैं तो मामला अत्यंत गंभीर हो सकता है. हालांकि इसका निदान केवल एक चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा ही किया जा सकता है.
इस गंभीर रोग के लक्षण टीबी रोग की तरह ही होते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इसके लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं. यह भी पढ़ें: Self Isolation Meaning: सेल्फ आइसोलेशन मतलब क्या? जानें इस दौरान व्यक्ति को किन बातों का रखना चाहिए ख्याल और यह क्वारेंटाइन से है कितना अलग
- 3 हफ्ते से अधिक समय तक रहने वाली खांसी.
- थूकते समय रक्त निकलना या धब्बे वाला बलगम.
- नकारात्मक बलगम धब्बे के साथ क्लिनिकल या रेडियोलॉजिकल रूप से टीबी का निदान
- टीबी के उपचार में खराब प्रतिक्रिया या कोई प्रतिक्रिया न होना.
गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते दुनिया भर में तीन मिलियन से अधिक लोग संक्रमित हैं. इस वायरस के प्रसार के शुरुआती दौर से ही चीन का विदेशी खाद्य उद्योग चर्चा में है. हालांकि वैज्ञानिक अब भी इस घातक वायरस के कई पहलुओं को जानने की कोशिशों में लगातार जुटे हुए हैं. बहरहाल, व्यापक तौर पर यही जाना जाता है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान सीफूड मार्केट से फैला था, जहां जंगली जानवरों के मांस बेचे जाते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2020 03:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

