Swiggy Hikes Platform Fees: गैस संकट के बीच Zomato के बाद स्विगी ने भी बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना हुआ और महंगा
ऑनलाइन फूड डिलीवरी के क्षेत्र में दबदबा रखने वाली कंपनी स्विगी (Swiggy) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है. प्रतिद्वंदी कंपनी जोमैटो (Zomato) द्वारा पिछले हफ्ते शुल्क बढ़ाने के बाद अब स्विगी ने भी अपनी फीस में करीब 17 प्रतिशत का इजाफा किया है
Swiggy Hikes Platform Fees: ऑनलाइन फूड डिलीवरी के क्षेत्र में दबदबा रखने वाली कंपनी स्विगी (Swiggy) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है. प्रतिद्वंदी कंपनी जोमैटो (Zomato) द्वारा पिछले हफ्ते शुल्क बढ़ाने के बाद अब स्विगी ने भी अपनी फीस में करीब 17 प्रतिशत का इजाफा किया है. अब ग्राहकों को प्रति ऑर्डर 14.99 रुपये के बजाय 17.58 रुपये (GST सहित) का भुगतान करना होगा. कंपनी ने इस बढ़ोतरी के पीछे प्लेटफॉर्म के संचालन और रखरखाव (Maintenance) के खर्चों को मुख्य कारण बताया है.
जोमैटो और स्विगी के शुल्क अब लगभग बराबर
स्विगी की यह कार्रवाई जोमैटो द्वारा हाल ही में की गई 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी के ठीक बाद आई है. जोमैटो ने पिछले सप्ताह अपनी फीस में 2 रुपये की वृद्धि की थी. अब दोनों ही प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर प्रति ऑर्डर शुल्क लगभग एक समान हो गया है. गौरतलब है कि जोमैटो ने अगस्त 2023 में महज 2 रुपये से प्लेटफॉर्म फीस की शुरुआत की थी, जिसे समय-समय पर बाजार की स्थितियों के अनुसार बढ़ाया जाता रहा है. यह भी पढ़े: LPG Cylinder Refills Update: रसोई गैस संकट के बीच क्या भारत में 14.2 किलो की जगह 10 kg का LPG सिलेंडर मिलेगा? समझें हॉर्मुज विवाद का असर
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
फूड डिलीवरी इकोसिस्टम में परिचालन लागत (Operating Costs) लगातार बढ़ रही है. एलपीजी और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण रेस्तरां और डिलीवरी पार्टनर्स दोनों के खर्चों में इजाफा हुआ है. कंपनियों का तर्क है कि प्रतिस्पर्धी माहौल में अपने मार्जिन को बनाए रखने और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कीमतों में यह बदलाव आवश्यक हो गया है. सितंबर 2025 में भी जोमैटो ने अपनी फीस में संशोधन किया था, जो अब धीरे-धीरे बढ़ते हुए मौजूदा स्तर पर पहुंच गई है.
शेयर बाजार पर असर
मंगलवार को बीएसई (BSE) पर स्विगी के शेयर 0.33 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 273.40 रुपये पर कारोबार करते दिखे. हालांकि, पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं दूसरी ओर, जोमैटो की मूल कंपनी इटरनल (Eternal) के शेयरों में प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने की घोषणा के बाद लगभग 2 प्रतिशत की तेजी देखी गई थी.
ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा सीधा बोझ
प्लेटफॉर्म फीस में इस निरंतर बढ़ोतरी का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से बाहर से खाना ऑर्डर करते हैं. हालांकि यह वृद्धि प्रति ऑर्डर 2 से 3 रुपये के बीच है, लेकिन बार-बार ऑर्डर करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह मासिक बजट में एक अंतर पैदा कर सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां अब डिस्काउंट मॉडल से हटकर मुनाफे (Profitability) पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही हैं.