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State Bank Foundation Day 2023: क्या है देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना की रोचक कहानी?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भारत की सबसे बड़ी एवं पुराना बैंक माना जाता है. हालिया प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 14 सितंबर 2022 को, भारतीय स्टेट बैंक पहली बार भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर ₹ 5 ट्रिलियन बाजार पूंजीकरण को पार करने वाला तीसरा ऋणदाता और सातवीं भारतीय कंपनी बना. प्राप्त रिकॉर्ड्स के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना 1 जुलाई 1955 को हुई थी.

State Bank Foundation Day 2023: क्या है देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना की रोचक कहानी?
SBI | Photo: Facebook

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भारत की सबसे बड़ी एवं पुराना बैंक माना जाता है. हालिया प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 14 सितंबर 2022 कोभारतीय स्टेट बैंक पहली बार भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर ₹ 5 ट्रिलियन बाजार पूंजीकरण को पार करने वाला तीसरा ऋणदाता और सातवीं भारतीय कंपनी बना. प्राप्त रिकॉर्ड्स के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना 1 जुलाई 1955 को हुई थी. लेकिन एसबीआई के जन्म की बड़ी रोचक कहानी है. आगामी पहली जुलाई 2023 को एसबीआई की 68वीं वर्षगांठ पर आइये बात करते हैं एसबीआई की स्थापना के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारियां. यह भी पढ़ें: जुलाई में 15 दिन बंद रहेंगे बैंक! देखें राज्य अनुसार बैंक अवकाश की सूची!

क्या है इसका इतिहास?

जून 1806 को कोलकाता (पूर्व नाम कलकत्ता) में 'बैंक ऑफ़ कलकत्ताकी स्थापना हुई थी. इसके तीन वर्षों के बाद 2 जनवरी 1806 को इसे चार्टर मिला और इसका पुनर्गठन बैंक ऑफ बंगाल के रूप में हुआ. यह अपनी तरह का विशेष बैंक था, जो शेयर स्टॉक पर ब्रिटिश भारत तथा बंगाल द्वारा संचालित किया जाता था. इसके काफी बाद बैंक ऑफ बॉम्बे और बैंक ऑफ मद्रास की शुरुआत हुई. 28 जनवरी 1921 को इन तीनों बैंकों का विलय कर पहले उसे बैंक ऑफ बंगाल नाम दिया गया, बाद में इसे इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया के रूप में स्थापित कर दिया गया. साल 1941 में पहली पंचवर्षीय योजना की नींव रखते हुए गांवों के विकास को प्रमुखता दिया गया. तब तक इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का कारोबार केवल शहरों तक था. उपरोक्त तीनों बैंक की पूंजी निजी शेयर होल्डरों के पास थी, जिसमें ज्यादा हिस्सेदारी यूरोपीय देशों की थी. ये तीनों बैंक भारत में स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे थे

प्रथम पंचवर्षीय योजना बनाम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना

साल 1951 में प्रथम पंचवर्षीय योजना में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी गई. तब तक इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया समेत देश के वाणिज्यिक बैंकों का कार्य-क्षेत्र शहरों तक सीमित था. वे ग्रामीण क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए तैयार नहीं थे. देश की समग्र आर्थिक स्थिति विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए अखिल भारतीय ग्रामीण ऋण सर्वेक्षण समिति ने इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का अधिग्रहण कर उसमें सरकारी भागीदारी वाले और सरकार द्वारा प्रायोजित एक बैंक की स्थापना की सिफारिश की. मई 1955 में संसद में एक अधिनियम पारित कर जुलाई 1955 को भारतीय स्टेट बैंक का गठन किया गया. इस तरह भारतीय बैंकिंग प्रणाली का एक चौथाई से अधिक संसाधन सरकार के नियंत्रण में आ गया, जिसमे सरकार की हिस्सेदारी 61.58 प्रतिशत थी.

स्थापना के साथ विस्तार

अपने स्थापना काल में एसबीआई के कुल 480 ऑफिस थे, जिसमें शाखा, उप शाखा और तीन स्थानीय हेडक्वॉर्टर शामिल थे. ये सभी इंपीरियल बैंक के हेड क्वार्टर में बनाए गये थे. साल 1955 में ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सब्सिडरी एक्ट पास हुआ, इसके तुरंत पश्चात अक्टूबर मास में स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद का सहयोग बैंक बना. इन सहयोगी बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर, स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, भारतीय महिला बैंक (BMB) शामिल है. यद्यपि 1 अप्रैल 2017 को एसबीआई में उपरोक्त सभी सहयोगी बैंक का विलय स्टेट बैंक में हो गया. साल 2022 में देश में भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 24 हजार से अधिक शाखाएं हैं, जिसमें 2,45,642 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि वर्तमान में स्टेट बैंक की कुल संपत्ति 5,177,545 लाख करोड़ रूपए से अधिक बताई जाती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 30, 2023 11:24 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).