ट्रंप को बड़ा झटका, 75 देशों पर वीजा प्रतिबंध के फैसले पर रोक
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने जनवरी, 2026 से 75 देशों के लोगों को अमेरिकी वीजा दिए जाने पर प्रतिबंध लगाने की नीति लागू की थी.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने जनवरी, 2026 से 75 देशों के लोगों को अमेरिकी वीजा दिए जाने पर प्रतिबंध लगाने की नीति लागू की थी.अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को एक बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने ट्रंप की उस वीजा नीति को रद्द कर दिया है, जिसके तहत 75 देशों के नागरिकों को वीजा दिए जाने पर डॉनल्ड ट्रंप ने प्रतिबंध लगा दिया था. ये प्रतिबंध इन देशों के उन नागरिकों के लिए थे, जो अमेरिका में स्थायी रूप से बसने के लिए वीजा चाहते थे.
सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क की जज जेनेट वर्गास ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया. उन्होंने कहा कि यह नीति कानून के अनुरूप नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने कानूनी अधिकारों से आगे जाकर इस नीति को जारी किया था.
होर्मुज का बैकअप प्लान तैयार करने के लिए बेचैन खाड़ी देश
अमेरिका में यह नीति जनवरी में लागू हुई थी. इसके तहत 75 देशों के नागरिकों के लिए अप्रवासी वीजा आवेदनों की प्रक्रिया निलंबित कर दी गई थी. इस सूची में अफगानिस्तान, ब्राजील, मिस्र, ईरान और इराक जैसे देश शामिल थे. नाइजीरिया, सोमालिया, थाईलैंड और यमन भी सूची में थे.
सिर्फ देश का नाम देख रोका गया वीजा
नीति लागू होने के समय विदेश मंत्रालय ने उसका बचाव किया था. विभाग ने कहा था कि यह कदम अमेरिकी संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा था, इस फैसले का उद्देश्य यह है कि उच्च जोखिम वाले देशों के अप्रवासी अमेरिका में कल्याणकारी योजनाओं का गलत उपयोग न करें. विभाग ने यह भी कहा था कि ऐसे लोग सार्वजनिक सुविधाओं पर बोझ न बनें.
हालांकि, जज जेनेट वर्गास ने आदेश पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि कंसुलर अधिकारियों को सिर्फ आवेदनकर्ता की पैदाइश का देश देखकर ऐसा आदेश नहीं देना चाहिए. कोर्ट के फैसले के अनुसार, अधिकारियों को केवल आवेदक की राष्ट्रीयता के आधार पर वीजा अस्वीकार करने को कहा गया था. ऐसा तब भी करने को कहा गया था जब अधिकारी आवेदक को अन्य सभी पैमानों पर योग्य मान चुके हों.
ऊंची अदालत में फैसले को चुनौती दे सकती है सरकार
शुक्रवार के फैसले में अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए और कहा कि केवल इस नीति के आधार पर किसी को वीजा ना देने के फैसले को निरस्त माना जाएगा. यह फैसला ट्रंप प्रशासन के लिए झटका माना जा रहा है. हालांकि, सरकार के पास फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प मौजूद है.
डॉनल्ड ट्रंप ने चुनाव अभियान में कड़े आप्रवासन कदमों का वादा किया था. उन्होंने अवैध प्रवासियों के बड़े पैमाने पर निष्कासन की बात कही थी. व्हाइट हाउस में वापसी के बाद ट्रंप प्रशासन ने इस दिशा में कई कदम उठाए है. इन कदमों का उद्देश्य अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकालने की प्रक्रिया तेज करना है. प्रशासन सीमा पार से अवैध प्रवेश को भी कम करना चाहता है.
अदालत के ताजा फैसले ने जनवरी में लागू हुई अमेरिकी आप्रवासन नीति को अवैध ठहरा दिया है. साथ ही, विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. हालांकि सरकार चाहे तो अब इस आदेश को उच्च अदालत में चुनौती दे सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 22, 2026 07:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

