मुंबई झीलों का जल स्तर आज: 12 सितंबर तक मायानगरी की झीलों में जमा हुआ 96.29% पानी, फिर भी लो प्रेशर से परेशान मुंबईकर
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के जल अभियंता विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जलाशयों में पर्याप्त पानी होने के बाद भी तकनीकी समस्याओं और पाइपलाइन रखरखाव के कारण कई रिहायशी क्षेत्रों तक सुचारू रूप से पानी नहीं पहुंच पा रहा है.
Mumbai Lake Water Level 2026: मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों का जल स्तर 12 सितंबर तक कुल क्षमता के 96.29 प्रतिशत तक पहुंच गया है. मानसूनी बारिश के कारण जलाशयों में जल संचय की स्थिति काफी संतोषजनक बनी हुई है. इसके बावजूद शहर और उपनगरों के कई इलाकों में नागरिक कम दबाव (लो प्रेशर) से हो रही पानी की आपूर्ति से परेशान हैं.
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के जल अभियंता विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जलाशयों में पर्याप्त पानी होने के बाद भी तकनीकी समस्याओं और पाइपलाइन रखरखाव के कारण कई रिहायशी क्षेत्रों तक सुचारू रूप से पानी नहीं पहुंच पा रहा है. यह भी पढ़े: मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी को पानी सप्लाई करने वाली झीलें भरने के करीब, 96.28% स्टॉक जमा
बीएमसी पोस्ट
🚰 मुंबईला पाणीपुरवठा करणाऱ्या ७ जलाशयांचा आज सकाळी ६ वाजेपर्यंतचा अहवाल #MyBMCUpdates pic.twitter.com/BEDaBKZomA
— माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) September 12, 2026
जलाशयों में पानी की वर्तमान स्थिति
मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों - भातसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, मोडक सागर, तानसा, विहार और तुलसी में कुल मिलाकर उपयोगी जल भंडारण क्षमता का 96.29% पानी जमा हो चुका है.
इनमें से विहार और तुलसी जैसी छोटी झीलें पूर्ण क्षमता से ओवरफ्लो हो चुकी हैं, जबकि भातसा और वैतरणा तंत्र के बड़े जलाशयों में भी पानी का स्तर मजबूत स्थिति में है. बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, मानसून के इस प्रदर्शन से पूरे वर्ष के लिए जल संकट की संभावना काफी कम हो गई है.
जल स्तर बेहतर, फिर भी लो प्रेशर की समस्या क्यों?
झीलों के लबालब भरने के बाद भी मुंबईकर पानी के कम दबाव और अनियमित समय की शिकायत कर रहे हैं. शहर के कई हिस्सों जैसे कुर्ला, घाटकोपर, अंधेरी, बोरीवली और दक्षिण मुंबई के कुछ पुराने रिहायशी इलाकों में पानी का प्रेशर काफी धीमा है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नलों में पानी का दबाव इतना कम होता है कि ऊपरी मंजिलों तक पानी चढ़ाना मुश्किल हो जाता है. कई स्थानों पर नागरिकों को दैनिक जरूरतों के लिए वाटर टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
बीएमसी प्रशासन और तकनीकी कारण
जल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मुख्य वितरण लाइनों में लीकेज, वाल्व संबंधी खराबी, पाइपलाइनों में हवा फंसना (एयर लॉकिंग) और पानी की टंकियों की सफाई कार्य के चलते आपूर्ति में दबाव कम हो जाता है.
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए लगातार मेंटेनेंस का काम जारी है. जहां भी पाइपलाइन रिसाव या कम दबाव की लिखित शिकायतें दर्ज हो रही हैं, वहां निरीक्षण कर तकनीकी कमियों को दूर किया जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 12, 2026 09:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

