Vishwakarma Puja 2025 Invitation Card Format: विश्वकर्मा पूजा के लिए करें प्रियजनों को आमंत्रित, उन्हें भेजें ये प्यार भरा इनविटेशन कार्ड
विश्वकर्मा पूजा का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व अत्यंत गहरा है. इस दिन लोग अपने घरों, दफ्तरों और कारखानों में पूजा का आयोजन करते हैं. इस उत्सव में शामिल होने के लिए लोग अपने दोस्तों-रिश्तेदारों और करीबियों को आमंत्रित करते हैं. ऐसे में अगर आप भी अपने निवास या कार्यस्थल पर विश्वकर्मा पूजा के लिए अपनों को आमंत्रित करना चाहते हैं तो यह स्नेह भरा निमंत्रण पत्र उन्हें सोशल मीडिया के जरिए भेजकर न्योता दे सकते हैं.
Vishwakarma Puja 2025 Invitation Card Format: विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो सृष्टि के शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है. हिंदू शास्त्रों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा (Bhagwan Vishwakarma) को ब्रह्मा जी के सातवें पुत्र के रूप में माना जाता है, जिन्होंने ब्रह्मांड के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया. एक अन्य किंवदंती के अनुसार, महर्षि अंगिरा की पुत्री भुवना और महर्षि प्रभास के संयोग से विश्वकर्मा का जन्म हुआ, जो शिल्पकला और यांत्रिकी के ज्ञान के प्रतीक हैं. हर साल भाद्रपद मास में सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश के समय इस पर्व को मनाया जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार हर साल 16 या 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का पर्व मनाया जाता है. इस साल यह पर्व 17 सितंबर 2025 को मनाया जा रहा है.
विश्वकर्मा पूजा का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व अत्यंत गहरा है. इस दिन लोग अपने घरों, दफ्तरों और कारखानों में पूजा का आयोजन करते हैं. इस उत्सव में शामिल होने के लिए लोग अपने दोस्तों-रिश्तेदारों और करीबियों को आमंत्रित करते हैं. ऐसे में अगर आप भी अपने निवास या कार्यस्थल पर विश्वकर्मा पूजा के लिए अपनों को आमंत्रित करना चाहते हैं तो यह स्नेह भरा निमंत्रण पत्र उन्हें सोशल मीडिया के जरिए भेजकर न्योता दे सकते हैं.
प्रचलित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का वास्तुकार और शिल्पकार माना जाता है, जिन्होंने स्वर्ग, सोने की लंका, द्वारका नगरी, पुष्पक विमान, भगवान शिव का त्रिशूल, अर्जुन का गांडीव धनुष और श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र जैसे कई अद्भुत निर्माण किए. विश्वकर्मा पूजा प्राचीन काल से चली आ रही है और विशेष रूप से शिल्पियों, कारीगरों, इंजीनियरों और श्रमिकों के बीच प्रचलित है, जो अपने कार्यों में सफलता और समृद्धि के लिए विश्वकर्मा की पूजा करते हैं.