Vikram Samvat 2082 Wishes: विक्रम संवत 2082 के इन शानदार HD Images, GIF Greetings, Wallpapers के जरिए दें हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं
विक्रम संवत 2082 (Photo Credits: File Image)

Vikram Samvat 2082 Wishes in Hindi: इस साल 30 मार्च 2025 से नव संवत (Nav Samvat) यानी विक्रम संवत 2082 (Vikram Samvat 2082) की शुरुआत हो रही है. हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष (Hindu New Year) की शुरुआत होती है और जिस दिन ये तिथि शुरु होती है, उस दिन का अधिपति नववर्ष यानी नव संवत्सर का राजा कहलाता है. कहा जाता है कि राजा विक्रमादित्य (Raja Vikramaditya) ने 2069 वर्ष पहले अपनी प्रजा को शकों से मुक्त कराया था. विक्रम संवत, ग्रेगोरियन कैलेंडर से 57 वर्ष आगे है और यह इस वर्ष को 2082 के रूप में चिह्नित करता है. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के पहले दिन मनाया जाने वाला हिंदू नववर्ष अपनी गणितीय सटीकता के लिए प्रसिद्ध है. राजा विक्रमादित्य ने इस संवत की शुरुआत की थी, इसलिए नव संवत को विक्रम संवत कहा जाता है.

चैत्र मास से शुक्ल पक्ष यानी 30 मार्च के दिन रविवार पड़ रहा है और इस दिन नव संवत की शुरुआत होने की वजह से विक्रम संवत के राजा और मंत्री दोनों ही सूर्य देव हैं. इस दिन को देश के विभिन्न हिस्सों में गुड़ी पड़वा, चेटी चंड, युगादि, नवरेह जैसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है. इस अवसर पर आप विक्रम संवत 2082 के इन शानदार एचडी इमेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स के जरिए हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

1- ‎विक्रम संवत 2082

विक्रम संवत 2082 (Photo Credits: File Image)

2- विक्रम संवत 2082 की शुभकामनाएं

विक्रम संवत 2082 (Photo Credits: File Image)

3- हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082

विक्रम संवत 2082 (Photo Credits: File Image)

4- विक्रम संवत 2082 की हार्दिक बधाई

विक्रम संवत 2082 (Photo Credits: File Image)

5- हैप्पी विक्रम संवत 2028

विक्रम संवत 2082 (Photo Credits: File Image)

हिंदू धर्म में चैत्र प्रतिपदा तिथि का अत्यधिक महत्व बताया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी और इसी दिन से सतयुग का आरंभ हुआ था. माना जाता है कि इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था, जबकि इसी दिन मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ था.
आदिशक्ति पूजन का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ था. कहा जाता है कि राजा युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी इसी पावन तिथि को हुआ था और महर्षि गौतम ऋति का जन्म भी इसी दिन हुआ था. इसके अलावा कहा जाता है कि राजा विक्रमादित्य ने इसी दिन अपने राज्य की स्थापना की थी और उन्हीं के नाम पर विक्रम संवत का नाम रखा गया है.