Skanda Sashti 2023 Wishes: स्कंद षष्ठी की इन हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings, HD Images के जरिए दें शुभकामनाएं
प्रथम पूजनीय भगवान गणेश के बड़े भाई भगवान कार्तिकेय की स्कंद षष्ठी के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. जो भी इस दिन व्रत रखकर उनका पूजन करता है, उसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स और एचडी इमेजेस के जरिए प्रियजनों को स्कंद षष्ठी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Skanda Sashti 2023 Wishes in Hindi: हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी (Skanda Sashti) को एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है, खासकर तमिल हिंदुओं के लिए यह बेहद खास दिन होता है. भगवान शिव (Lord Shiv) और माता पार्वती (Mata Parvati) के बड़े पुत्र स्कंद यानी कार्तिकेय को मुरुगन और सुब्रह्मण्यम के नाम से भी जाना जाता है. देवताओं के सेनापति कार्तिकेय (Kartikeya) को समर्पित स्कंद षष्ठी को कांड षष्ठी (Kand Shashti) के नाम से भी जाना जाता है. वैसे तो हर महीने की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का व्रत किया जाता है और मार्गशीर्ष मास में स्कंद षष्ठी 18 दिसंबर 2023 को मनाई जा रही है. मान्यता है कि इसी तिथि पर भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय का जन्म हुआ था. इस दिन व्रत रखकर पूजा करने से भक्तों के ग्रह दोष दूर होते हैं और उन्हें जीवन की कई परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है.
प्रथम पूजनीय भगवान गणेश के बड़े भाई भगवान कार्तिकेय की स्कंद षष्ठी के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. जो भी इस दिन व्रत रखकर उनका पूजन करता है, उसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स और एचडी इमेजेस के जरिए प्रियजनों को स्कंद षष्ठी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1- स्कंद षष्ठी व्रत से च्यवन ऋषि को,
आंखों को ज्योति हुई प्राप्त,
प्रियव्रत का मृत शिशु हो गया जीवित,
आपकी भी झोली भर जाए खुशियों से,
यही है हमारी कामना...
स्कंद षष्ठी व्रत की शुभकामनाएं
2- भोलेनाथ और माता पार्वती के.
पुत्र कार्तिकेय की पूजा से,
दूर होंगे आपके सारे कष्ट,
जीवन में आएगी खुशहाली...
स्कंद षष्ठी व्रत की शुभकामनाएं
3- स्कंद षष्ठी व्रत से काम, क्रोध,
मोह और अहंकार से मिलेगी मुक्ति.
स्कंद षष्ठी व्रत की शुभकामनाएं
4- भक्तों को मिले भगवान कार्तिकेय का आशीर्वाद,
पूरे होंगे सारे काम जब प्रसन्न होंगे शिव पुत्र.
स्कंद षष्ठी व्रत की शुभकामनाएं
5- देव सेनापते स्कंद कार्तिकेय भवोद्भव, ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀
कुमार गुह गांगेय शक्तिहस्त नमोस्तु ते.
स्कंद षष्ठी व्रत की शुभकामनाएं
स्कंद षष्ठी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान व ध्यान करने के बाद व्रत का संकल्प लें, फिर पूजा के स्थान पर भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा स्थापित करें. भगवान कार्तिकेय की पूजा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अवश्य करें. पूजा के दौरान पुष्प, चंदन, धूप, दीप, फल, मिष्ठान, वस्त्र और नैवेद्य इत्यादि अर्पित करें. भगवान कार्तिकेय की पूजा में मोर पंख भी अर्पित कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें मोर पंख अति प्रिय है.