19 Jan, 21:03 (IST)

 भारत में आज यानी 19 जनवरी को शाबान का चांद नजर नहीं आया है. ऐसे में शाबान का पाक महीना अब 21 जनवरी से शुरू होगा. चांद न दिखने के कारण मुस्लिम समुदाय में शाबान की शुरुआत एक दिन आगे बढ़ गई है. शाबान के बाद ही रमजान का पवित्र महीना आता है, जिसे देखते हुए लोग इबादत और तैयारियों में जुट जाते हैं. 

19 Jan, 19:39 (IST)

शब-ए-बारात के दिन मुसलमान मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा करते हैं. इसके अलावा, लोग दुआ, रोज़ा और कुरान की तिलावत में समय बिताते हैं. माना जाता है कि इस रात की इबादत से पाप माफ़ होते हैं और आने वाले साल की तक़दीर तय होती है.

19 Jan, 19:14 (IST)

 शाबान महीने की 15वीं रात को इस्लामी कैलेंडर में 'शब-ए-बारात' कहा जाता है. इसे माग़फ़िरत की रात भी कहा जाता है क्योंकि मुस्लिम समुदाय इस रात को अपनी गलतियों की माफी के लिए दुआ करता है. इस दौरान लोग मस्जिदों में इबादत करते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं और कुरान की तिलावत करते हैं.

19 Jan, 19:09 (IST)

 भारत में शाबान का चांद देखने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मुस्लिम कैलेंडर के अनुसार, चांद दिखाई देने पर शाबान महीने की शुरुआत तय होती है. यदि चांद आज दिखाई देता है, तो कल से शाबान का पाक महीना शुरू हो जाएगा

19 Jan, 19:04 (IST)

सऊदी अरब और यूएई में भी शाबान का चांद देखने की कोशिश कुछ समय बाद शुरू होगी. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, शाबान रमजान से ठीक पहले आने वाला पाक महीना है. चांद दिखने के बाद ही दोनों देशों में शाबान महीने की शुरुआत घोषित की जाएगी.

19 Jan, 18:46 (IST)

सऊदी अरब और यूएई में भी शाबान का चांद देखने की कोशिश कुछ समय बाद शुरू होगी. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, शाबान रमजान से ठीक पहले आने वाला पाक महीना है. चांद दिखने के बाद ही दोनों देशों में शाबान महीने की शुरुआत घोषित की जाएगी.

19 Jan, 18:17 (IST)

भारत में आज शाबान के चांद के दीदार की कोशिश शुरू हो गई है. अलग-अलग शहरों में रूयत-ए-हिलाल कमेटियां आसमान पर नजर बनाए हुए हैं. चांद दिखाई देने पर शाबान महीने की शुरुआत की आधिकारिक घोषणा की जाएगी.

19 Jan, 17:35 (IST)

 इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, मुसलमानों के लिए शाबान का महीना रमजान से ठीक पहले आता है. भारत सहित सऊदी अरब और UAE में आज शाबान का चांद देखने की कोशिश की जाएगी. चांद दिखने पर पर ही शाबान महीने की आधिकारिक शुरुआत घोषित की जाएगी.

19 Jan, 17:29 (IST)

 भारत में आज शाबान का चांद देखने की कोशिश की जाएगी.मुस्लिम समुदाय के लोग नए महीने की शुरुआत के लिए चांद की दृष्टि का इंतजार कर रहे हैं. शाबान का महीना रमजान से ठीक पहले आता है और इसके पाक महीने में खास तौर पर नमाज़, दुआ और नेक काम किए जाते हैं.

 Shaban Moon Sighting 2026 in India: इस्लामी कैलेंडर के आठवें महीने 'शाबान' का इंतजार खत्म होने वाला है. भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ-साथ इस बार सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में भी आज, 19 जनवरी 2026 (सोमवार) को शाबान का चांद देखने की कोशिश की जाएगी. यह एक संयोग है कि इस बार खाड़ी देशों और दक्षिण एशियाई देशों में चांद की तारीखें एक समान नजर आ रही हैं.

सऊदी अरब और खाड़ी देशों का अपडेट

सऊदी अरब में रविवार, 18 जनवरी को चांद देखने की कोशिश की गई थी, लेकिन वहां की सुप्रीम कोर्ट और आधिकारिक समितियों के अनुसार चांद नजर नहीं आया. इसके चलते सऊदी अरब में रजब का महीना 30 दिन का पूरा किया जा रहा है. अब वहां आज शाम को चांद दिखने की पूरी संभावना है, जिसके बाद मंगलवार 20 जनवरी को शाबान की पहली तारीख होगी. यह भी पढ़े: Shaban Moon Sighting 2026 in KSA and UAE: सऊदी अरब और UAE में नहीं दिखा शाबान का चांद, 20 जनवरी से शुरू होगा पाक महीना

भारत में क्या है स्थिति?

भारत में आज रजब महीने की 29 तारीख है. यहां की प्रमुख हिलाल कमेटियों (दिल्ली, लखनऊ, मुंबई) ने मुसलमानों से अपील की है कि वे आज शाम सूर्यास्त के बाद चांद देखने की कोशिश करें.

  • यदि आज चांद दिखा: तो भारत में 20 जनवरी (मंगलवार) को शाबान का पहला दिन होगा.

  • यदि आज चांद नहीं दिखा: तो शाबान का महीना 21 जनवरी (बुधवार) से शुरू होगा.

क्यों खास है शाबान का महीना?

शाबान का महीना रमजान के पवित्र महीने के आगमन की पूर्व सूचना देता है. इसी महीने के मध्य में (15वीं रात) 'शबे बारात' मनाई जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रात खुदा अपने बंदों के लिए साल भर का लेखा-जोखा तय करता है और तौबा करने वालों की मगफिरत (माफी) फरमाता है.

सऊदी अरब में चांद न दिखने की वजह से अब उम्मीद जताई जा रही है कि पूरी दुनिया में इस बार रमजान और ईद की तारीखों में ज्यादा अंतर नहीं होगा.

चांद समितियों की बैठकें

आज शाम मगरिब की नमाज के बाद दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद, शाही फतेहपुरी मस्जिद और लखनऊ की मरकजी चांद कमेटी की अहम बैठकें होंगी. जैसे ही देश के किसी भी हिस्से से चांद की तस्दीक (पुष्टि) होगी, उलमा-ए-किराम इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे.