Shab e Barat 2026 Mehndi Design: लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन और इस रात का धार्मिक महत्व

शब ए बारात 2026 के अवसर पर महिलाएं लेटेस्ट और सरल मेहंदी डिजाइनों के जरिए अपनी तैयारियों को खास बना रही हैं. जानें इस साल के चर्चित मेहंदी ट्रेंड्स और इस रात की अहमियत.

Shab e Barat Mehndi Design Simple

नई दिल्ली: इस्लामिक कैलेंडर के आठवें महीने 'शाबान' की 15वीं रात यानी 'शब ए बारात' इस साल 2026 में 3 फरवरी की शाम से शुरू हो रही है. मुस्लिम समुदाय में इस रात को 'मगफिरत' (माफी) और 'तक़दीर' (भाग्य) की रात माना जाता है. जहां पुरुष मस्जिदों में इबादत के लिए जुटते हैं, वहीं महिलाएं घरों में नफिल नमाज और कुरान खानी के साथ-साथ इस खास मौके के लिए खुद को तैयार करती हैं. इस वर्ष सादगी और एलिगेंस को ध्यान में रखते हुए मेहंदी के कई नए डिजाइन ट्रेंड में हैं.

2026 के टॉप मेहंदी डिजाइन ट्रेंड्स

इस साल शब-ए-बारात पर 'लेस वर्क' (Lace Work) और 'मिनिमलिस्टिक अरबी' (Minimalist Arabic) डिजाइन सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. महिलाएं भारी डिजाइनों के बजाय हाथों के पिछले हिस्से (Back hand) पर बेल और उंगलियों पर बारीक जालीदार काम को प्राथमिकता दे रही हैं.

मंडला आर्ट (Mandala Art): हथेली के बीच में गोल टिक्की और उंगलियों के पोरों पर बारीक काम हमेशा की तरह सदाबहार है.

फ्लोरल बेल (Floral Bel): कलाई से शुरू होकर पहली उंगली तक जाने वाली फूलों की बेल उन लड़कियों के लिए बेहतरीन है जो कम समय में सुंदर डिजाइन चाहती हैं.

फिंगर डिजाइन (Finger Mehndi): इस साल केवल उंगलियों पर गहनों जैसा दिखने वाला (Jewelry pattern) डिजाइन काफी चर्चा में है, जो पूरे हाथ को मॉडर्न लुक देता है.

Shab e Barat Mehndi Design 

शब-ए-बारात का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

शब-ए-बारात का अर्थ है 'छुटकारे की रात'. मान्यता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों के पूरे साल का लेखा-जोखा तैयार करते हैं और उनके गुनाहों को माफ करते हैं. लोग अपने पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़ने जाते हैं और गरीबों में खैरात (दान) बांटते हैं. घरों में हलवा और अन्य पारंपरिक पकवान बनाने की पुरानी परंपरा आज भी कायम है.

सादगी पर जोर

चूंकि यह रात इबादत के लिए समर्पित है, इसलिए सांस्कृतिक रूप से मेहंदी के डिजाइनों में भी सादगी का विशेष ध्यान रखा जाता है. बहुत अधिक ताम-झाम वाले डिजाइनों के बजाय 'सॉफ्ट कर्व्स' और 'डॉटेड पैटर्न' का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि इबादत के वक्त सहजता बनी रहे.

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