Republic Day 2026 Sanskrit Wishes: 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस (77th Republic Day) मना रहा है. दरअसल, 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान (Indian Constitution) के आधिकारिक रूप से लागू होने के साथ ही भारत एक पूर्ण गणतांत्रिक देश बना था. हर साल यह दिन देश के कोने-कोने में देशभक्ति के उत्साह, रंगारंग झांकियों और तिरंगे के सम्मान के साथ मनाया जाता है. यह राष्ट्रीय पर्व न केवल हमारी लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का प्रतीक है, बल्कि उन वीर सेनानियों की याद भी दिलाता है जिन्होंने भारत को एक संप्रभु राष्ट्र बनाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया. भारतीय संविधान के निर्माण की प्रक्रिया लंबी और बेहद महत्वपूर्ण रही है.
संविधान सभा की मसौदा समिति के अध्यक्ष डॉ. बीआर आंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) के नेतृत्व में भारत को एक ऐसा ढांचा मिला जिसने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया. संविधान सभा का पहला सत्र 9 दिसंबर 1946 को आयोजित हुआ था. 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा का अंतिम सत्र संपन्न हुआ. ठीक दो महीने बाद, 26 जनवरी 1950 को इसे पूरे देश में लागू किया गया, जिससे भारत एक गणतंत्र बना.
आज के इस डिजिटल युग में लोग सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे को बधाई देते हैं. विशेष रूप से संस्कृत भाषा में 'गणतंत्र दिवसः शुभाशयाः' जैसे संदेशों का काफी चलन देखा जा रहा है. संस्कृत, जो हमारी सांस्कृतिक जड़ों का प्रतीक है. ऐसे में इस अवसर पर आप इन संस्कृत विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए देश के प्रति अपना प्रेम और सम्मान व्यक्त कर सकते हैं.





गणतंत्र दिवस संविधान में निहित लोकतांत्रिक सिद्धांतों को रेखांकित करता है. इस दिन देशभर के सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में ध्वजारोहण किया जाता है. मुख्य समारोह दिल्ली के कर्तव्य पथ (पूर्व में राजपथ) पर आयोजित होता है, जहां भारतीय सेना की शक्ति और राज्यों की सांस्कृतिक झलक दिखाने वाली झांकियां आकर्षण का केंद्र होती हैं. यह उत्सव नागरिकों को एक सूत्र में बांधकर एक राष्ट्र की आत्मा और उसकी अखंडता का जश्न मनाने का अवसर देता है.
गणतंत्र दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक क्षण की याद है जिसने प्रत्येक भारतीय को समान अधिकार और कानून का शासन प्रदान किया. यह दिन हमें आत्मचिंतन की प्रेरणा देता है कि हम अपने अधिकारों के साथ-साथ संवैधानिक कर्तव्यों का भी निष्ठा से पालन करें ताकि भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे.













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