Ram Navami 2025 Sanskrit Wishes: राम नवमी के इन संस्कृत Shlokas, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए अपनों से कहें ‘अस्तु शुभं रामनवमी’
राम नवमी के पर्व को न सिर्फ भगवान राम के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाता है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक भी है. भगवान राम का जीवन नैतिकता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है. ऐसे में इस अवसर पर आप इन विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए संस्कृत में ‘अस्तु शुभं रामनवमी’ कह सकते हैं.
Ram Navami 2025 Sanskrit Wishes: हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) का त्योहार मनाया जाता है. इस दौरान पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा (Maa Durga) के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा पृथ्वी लोक पर रहती हैं और इस दौरान व्रत रखकर देवी दुर्गा की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है, साथ ही उनके सभी दुख और संकट दूर होते हैं. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को नौ दिनों तक व्रत रखने वाले साधक हवन और कन्या पूजन करके अपना व्रत पूर्ण करते हैं तो वहीं इस दिन राम नवमी (Ram Navami) यानी भगवान श्रीराम (Bhagwan Shri Ram) का अवतरण दिवस मनाया जाता है. इस साल राम नवमी का पर्व 6 अप्रैल 2025 को मनाया जा रहा है.
राम नवमी के पर्व को न सिर्फ भगवान राम के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाता है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक भी है. भगवान राम का जीवन नैतिकता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है, जो भक्तों को कर्तव्य, सम्मान और बलिदान के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है. ऐसे में इस अवसर पर आप इन विशेज, श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए संस्कृत में ‘अस्तु शुभं रामनवमी’ कह सकते हैं.





प्रचलित पौराणिक कथा के अनुसार, कहा जाता है कि अयोध्या के राजा दशरथ ने संतान की कामना से ऋषि वशिष्ठ की सलाह पर पुत्र कामेष्टि यज्ञ संपन्न कराया था. इस यज्ञ के फलस्वरूप रानी कौशल्या ने भगवान राम, सुमित्रा ने शत्रुघन और लक्ष्मण, जबकि कैकेयी ने भरत को जन्म दिया. भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को हुआ था, इसलिए इस दिन उनका जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है. अपने सदाचारी और धार्मिक स्वभाव के लिए प्रभु श्रीराम सभी भक्तों के बीच पूजनीय हैं, उन्हें मर्यादोपुरुषोत्तम भी कहा जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

