Nirjala Ekadashi 2020 Wishes & HD Photos: निर्जला एकदाशी की अपनों को दें बधाई, इस शुभ अवसर पर भेजें ये खूबसूरत हिंदी GIF Greetings, WhatsApp Status, Images, Wallpapers और Facebook Messages
पौराणिक मान्यता के अनुसार, महाबलशाली भीम ने निर्जला एकादशी का व्रत करके सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त कर लिया था. इसीलिए इसे ‘भीमसेनी एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है. इस शुभ अवसर पर आप अपने प्रियजनों को इन खूबसूरत हिंदी विशेज, एचडी इमेज, जीआईएफ ग्रीटिंग, वॉट्सऐप स्टेटस, इमेज, वॉलपेपर और फेसबुक मैसेज के लिए निर्जला एकादशी की बधाई दे सकते हैं.
Nirjala Ekadashi 2020 Wishes In Hindi: वैसे तो एक साल में कुल 24 एकादशियां पड़ती हैं, लेकिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी (Ekadashi) का विशेष महत्व बताया जाता है. ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) के नाम से जाना जाता है. इस साल 2 जून को निर्जला एकादशी का यह पर्व मनाया जा रहा है. मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत रखकर श्रीहरि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से साल की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है. हालांकि निर्जला एकादशी का व्रत अन्य एकादशी तिथियों की तुलना में कठोर होता है, क्योंकि इस दिन निर्जल और निराहार रहकर व्रत किया जाता है. मान्यता है कि इस दिन निर्जल व्रत रखकर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की आराधना करने से भक्तों को जीवन-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिलती है और मृत्यु के बाद वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है.
पौराणिक मान्यता के अनुसार, महाबलशाली भीम ने निर्जला एकादशी का व्रत करके सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त कर लिया था. इसीलिए इसे ‘भीमसेनी एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है. इस शुभ अवसर पर आप अपने प्रियजनों को इन खूबसूरत हिंदी विशेज, एचडी इमेज, जीआईएफ ग्रीटिंग, वॉट्सऐप स्टेटस, इमेज, वॉलपेपर और फेसबुक मैसेज के लिए निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi Wishes) की बधाई दे सकते हैं.
1- हैप्पी निर्जला एकादशी 2020
2- निर्जला एकादशी की शुभकामनाएं
3- निर्जला एकादशी की बधाई
4- हैप्पी निर्जला एकादशी
5- निर्जला एकादशी की हार्दिक बधाई
निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है. निर्जला एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को एक दिन पहले ही इसके पूजन की सारी तैयारियां कर लेनी चाहिए. दशमी तिथि को सात्विक आहार लेना चाहिए. भगवान विष्णु को पीले फल, पीले फूल, पीले पकवान का भोग लगाएं. पूजन में तुलसी दल अवश्य शामिल करें. धूप-दीप प्रज्जवलित करें और निर्जला एकादशी का पाठ करें या सुनें. इसके साथ ही ओम् नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जप करें और आखिर में आरती करें. इस व्रत को करने वाले ज्यादातर लोग पानी नहीं पीते हैं, लेकिन अगर आपके लिए संभव नहीं है तो आप फलों के रस या पानी का सेवन कर सकते हैं.