त्यौहार

Navratri 2018: तन और मन की शुद्धि के लिए फायदेमंद है हवन, जानें इसके हेल्थ बेनिफिट्स

हवन के दौरान किए जाने वाले मंत्रों का उच्चारण, प्रज्वलित होने वाली अग्नि और उससे उठने वाले धुएं से वातावरण में फैले रोगाणु और विषाणु नष्ट होते हैं. यहां तक कि विज्ञान भी इस बात को मानता है कि हवन वातावरण को शुद्द बनाकर, कई रोगों से व्यक्ति की रक्षा करता है.

Navratri 2018: तन और मन की शुद्धि के लिए फायदेमंद है हवन, जानें इसके हेल्थ बेनिफिट्स
हवन (Photo Credits: wikipedia)

हिंदू धर्म में हवन और यज्ञ जैसे धार्मिक कार्यों का बहुत महत्व बताया जाता है. मान्यता है नियमित तौर पर घर में छोटा सा हवन करने से न सिर्फ हवन करने वाले व्यक्ति को लाभ पहुंचता है, बल्कि यह हमारे आसपास के पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होता है. कहा जाता है कि हवन के दौरान किए जाने वाले मंत्रों का उच्चारण, प्रज्वलित होने वाली अग्नि और उससे उठने वाले धुएं से वातावरण में फैले रोगाणु और विषाणु नष्ट होते हैं. यहां तक कि विज्ञान भी इस बात को मानता है कि हवन वातावरण को शुद्द बनाकर, कई रोगों से व्यक्ति की रक्षा करता है.

हिंदू धर्म में किसी भी मांगलिक कार्य या पूजा-पाठ को हवन के बिना अधूरा माना जाता है. इसके अलावा घर में नियमित तौर पर छोटा सा हवन करने से भी काफी फायदे होते हैं. चलिए जानते हैं हवन से होने वाले फायदों के बारे में.

जीवाणुओं का होता है नाश 

हवन के लिए आम की लकड़ी, बेल, नीम, पलाश का पौधा, कलीगंज, देवदार की जड़, गूलर की छाल और पत्ती, पीपल की छाल और तना, बेर, आम की पत्ती और तना, चंदन की लकड़ी, जामुन की कोमल पत्ती, अश्वगंधा की जड़, कपूर, लौंग, चावल, ब्राम्ही, मुलैठी की जड़, घी, शकर जौ, तिल, गुग्गल, लोभान, इलायची और दूसरी वनस्पतियों के बूरे का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा गाय के गोबर से बने छोटे-छोटे उपले का उपयोग किया जाता है. हवन में इस्तेमाल की जाने वाली इन सामग्रियों से वातावरण में मौजूद हर प्रकार के जीवाणुओं का 94 फीसदी तक सफाया हो जाता है. यह भी पढ़ें: Navratri 2018: ब्राह्मण न मिले तो आप खुद कर सकते हैं दुर्गाष्टमी और महानवमी पर हवन, जानें इसकी आसान विधि

नकारात्मक ऊर्जा होती है दूर

हवन करने की प्रथा प्राचीन काल से ही चली आ रही है. इसमें देवी-देवताओं के साथ-साथ नौ ग्रहों का आहुति देने का विधान है. हवन की अग्नि को बेहद शुद्ध और पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि हवन में इस्तेमाल की जाने वाली अलग-अलग लकड़ियों से नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का नाश होता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

विज्ञान ने भी माना इसका चमत्कार 

हवन से होने वाले फायदों को जानने के लिए विज्ञान के क्षेत्र में भी कई रिसर्च हो चुके हैं और विज्ञान भी हवन के चमत्कार को नमस्कार करता है. विज्ञान की मानें तो हवन से निकलने वाला धुंआ आकाश में जाकर वातावरण को शुद्ध करता है और विभिन्न प्रकार के रोगाणुओं और विषाणुओं का सफाया करता है. हवन पर्यावरण को शुद्ध रखने के साथ-साथ कई बीमारियों के खतरे को भी दूर करता है.

हवन के हेल्थ बेनिफिट्स 

हवन की खुशबू और इससे निकलने वाला धुंआ हमारे मन को शांत करता है और शारीरिक थकान को दूर करने में मदद करता है. इसके अलावा यह कभी बीमारियों के खतरे को दूर करने में भी सहायक होता है. यह भी पढ़ें: Dussehra 2018: इन Messages के जरिए दीजिए अपने दोस्तों को विजयादशमी की शुभकामनाएं

  • हवन कुंड में आक की लकड़ी का इस्तेमाल करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
  • कहा जाता है कि हवन के दौरान अग्नि में घी की आहुति देने से व्यक्ति की उम्र बढ़ती है.
  • घी में दूर्वा को भिगोकर उसे हवन कुंड की अग्नि में डालने से गंभीर बीमारियां दूर होती हैं.
  • हवन के दौरान अग्नि में तिल, सरसो और आंवले की आहुति देने से वात रोग शांत होता है.
  • शारीरिक पीड़ा से छुटकारा पाने के लिए आंवले और गूलर का इस्तेमाल हवन में करना चाहिए.
  • पेट से जुड़ी तकलीफों से निजात पाने के लिए बेल से हवन करना फायदेमंद होता है.
  • हवन में शहद, शक्कर और घी का इस्तेमाल करने से मुंह से जुड़े रोग दूर होते हैं.
  • हवन के दौरान आम के पत्तों को दूध में भिगोकर आहुति देने से बुखार से राहत मिलती है.
  • डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए हवन में शहद और घी का इस्तेमाल करना लाभदायक होता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 18, 2018 12:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).