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Muharram 2021: जानें आशुरा क्या है? चांद दिखने के बाद कब से शुरू होगा पहला इस्लामिक महीना

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम साल का पहला महीना होता है. मुहर्रम का त्योहार आशुरा मुहर्रम के महीने की शुरुआत के 10वें दिन मनाया जाता है. मुहर्रम का शाब्दिक अर्थ है 'पवित्र'. यह चार पवित्र महीनों (मुहर्रम, शव्वाल, जिलकाड और जिलज्ज) में से एक हैं.

Muharram 2021: जानें आशुरा क्या है? चांद दिखने के बाद कब से शुरू होगा पहला इस्लामिक महीना
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

Muharram 2021, Ashura Date in India: इस्लाम धर्म में मुहर्रम गम का त्योहार है. मुहर्रम को इस्लामिक कैलेंडर 'हिजरी' (Hijri Calendar) का पहला महीना माना जाता है, जिसे इस्लाम धर्म में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इस महीने को  मुस्लिम धर्म के लोग खुशियों के तौर पर नहीं, बल्कि गम और मातक के तौर पर मनाते हैं. इस्लामिक कैंलेंडर के अनुसार इस साल 9 अगस्त यानी सोमवार को जिलहिज्जा महीने की 29 तारीख है, इसमें इस्लामी साल के पहले महीने मोहर्रम का चांद नजर आने के बाद भारत में पहला इस्लामिक महीना शुरू हो जायेगा.

इस्लामिक कैलेंडर (Islamic Calendar) के अनुसार मुहर्रम साल का पहला महीना होता है. मुहर्रम का त्योहार आशुरा मुहर्रम के महीने की शुरुआत के 10वें दिन मनाया जाता है. मुहर्रम का इस्लाम धर्म में शाब्दिक अर्थ है 'पवित्र'. यह 4 पवित्र महीनों (मुहर्रम, शव्वाल, जिलकाड और जिलज्ज) में से एक है. जैसा कि पवित्र कुरान (9, 66-37) में दर्शाया गया है. मुहर्रम पहली तारीख से शुरू होकर पूरे दस दिनों तक चलता है. यह भी पढ़े: Muharram 2020 Date in India: भारत में कब शुरू होगा इस्लाम धर्म का पहला महीना मुहर्रम? जानें कोरोना संकट के बीच इस साल कैसे मनाया जाएगा यौम-ए-आशुरा

बता दें कि यह त्योहार शिया-सुन्नी दोनों ही वर्ग के मुसलमानों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम नए इस्लामिक साल का पहला महीना माना होता है. साल 2021 में अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक मुहर्रम का महीना 9 अगस्त से शुरू हो रहा है. यह इस्लामी साल 1443 होगा.

इस माह के शुरू होने के 10वें दिन आशुरा पड़ता है. इस दिन मुहर्रम का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन लोग गम में इबादत करते हैं. मुहर्रम के महीने के दसवें दिन को अशूरा कहा जाता है. इसे इस्लामिक इतिहास के सबसे निंदनीय दिनों में से एक माना जाता है. इस दिन शिया मुसलमान काले कपड़े पहनकर जुलूस निकालते हैं और इमाम हुसैन ने इंसानियत के जो पैगाम दिए हैं, उन्हें लोगों तक पहुंचाते हैं.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 08, 2021 09:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).