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Mohini Ekadashi 2019: एकादशी व्रत करने से होती है सारी मनोकामनाएं पूरी, लेकिन इन नियमों का पालन करना है बेहद जरूरी

आज मोहिनी एकादशी है. हिंदू धर्म में भगवान विष्ण को अतिप्रिय एकादशी के व्रत का बड़ा महत्व बताया जाता है.एकादशी यानी पूर्णिमा और अमावस्या का 11वां दिन. पूर्णिमा एवं अमावस्या के बाद 11वें दिन को एकादशी कहते हैं.

Mohini Ekadashi 2019: एकादशी व्रत करने से होती है सारी मनोकामनाएं पूरी, लेकिन इन नियमों का पालन करना है बेहद जरूरी
भगवान विष्णु (Photo Credits : Youtube)

Mohini Ekadashi 2019:  आज मोहिनी एकादशी है. हिंदू धर्म में भगवान विष्ण को अतिप्रिय एकादशी के व्रत का बड़ा महत्व बताया जाता है.एकादशी यानी पूर्णिमा और अमावस्या का 11वां दिन. पूर्णिमा एवं अमावस्या के बाद 11वें दिन को एकादशी कहते हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार हर 40 से 48 दिन में मनुष्य का शरीर मंडल नामक चक्र से गुजरता है. इस चक्र में तीन ऐसे खास दिन आते हैं, जब शरीर को भोजन की जरूरत ही नहीं होती. अगर आप अपने जीवन में उन दिनों की पहचान लेते हैं. शरीर को भोजन नहीं देते हैं तो इस सरल पद्धति से आपकी बहुत सारी सेहत से जुड़ी परेशानियां दूर हो जाएंगी. अगर वे अपने शरीर की सुनें, तो ज्यादातर इंसान इन तीन दिनों की पहचान आसानी से कर सकते हैं.

प्रत्येक धर्मों में उपवास का बहुत महत्व होता है साथ ही सभी धर्मों के नियम भी बहुत अलग-अलग होते हैं. खासकर हिंदू धर्म के अनुसार एकादशी की व्रत रखने की इच्छा रखने वालों को दशमी के दिन से ही कुछ आवश्यक नियमों का पालन करना चाहिए. चलिए मोहिनी एकदशी के मौके पर जानते हैं इस व्रत को करने के लिए किन नियमों का पालन करना जरूरी है.

एकादशी व्रत से जुड़े नियम- 

  • दशमी के दिन मांसाहार भोजन के अलावा, लहसुन, प्याज और मसूर की दाल का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • अगर पत्तों से दांत साफ करने की इच्छा नहीं करे तो पानी से 12-13 कुल्ले करे. इसके पश्चात ही स्नान-ध्यान कर घर के मंदिर में गीता का पाठ करें. चाहे तो बाहर के मंदिर में जाकर गीता पाठ करें.
  • ईश्वर के सामने शपथ लें कि आज चोरी, पाखंडी और व्यभिचारी व्यक्ति से दूर रहेंगे. समय हो तो रात्रि जागरण कर कीर्तन-भजन करें.
  • पूरे दिन जब भी वक्त मिले 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' इस द्वादश मंत्र का जाप करें.
  • भगवान विष्णु जी से हाथ जोड़कर प्रार्थना करें. हे जग के पालनहार, मेरी रक्षा करिये. मुझे शक्ति दीजिये कि मैंने जो प्रतिज्ञा ली है, उसे सही तरीके से निभा सकूं.
  • कोशिश करें कि भूल से भी किसी मासूम कीड़े मकोड़ों की भी आपके हाथों हत्या नहीं हो. इसके लिए जरूरी है कि आप एकादशी के दिन झाड़ू नहीं लगाइये, क्योंकि झाड़ू बहोरने से चींटी जैसे जीवों की मृत्यु हो सकती है.
  • रात्रि के समय पत्नी से दूर रहते हुए पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
  • अगर आप एकादशी का व्रत रख रहे हैं तो व्रत के दिन नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबाकर उंगुली से गला साफ कर लें. यहां यह भी ध्यान रखें कि पत्ते तोड़ने के बजाय गिरे हुए पत्तों का ही इस्तेमाल करें. यह भी पढ़ें: Ekadashi Vrat In Year 2019: एकादशी के दिन व्रत करने पर बेहद प्रसन्न होते हैं भगवान विष्णु, देखें साल 2019 में पड़नेवाली तिथियों की पूरी लिस्ट
  • एकादशी के दिन बालों की कटिंग अथवा दाढ़ी आदि नहीं कटवाना चाहिए. कोशिश करें कि कम बोलें, ज्यादा बोलने से गलत बातें निकल सकती है.
  • कोशिश करें कि एकादशी के दिन खाना खाने से पूर्व शाम के समय गरीबों का खाना-कपड़े दान दें.
  • एकादशी के दिन उपवासी व्यक्ति को गाजर, मूली, शलजम आदि के सेवन से बचना चाहिए.
  • इस दिन केला, आम, अंगूर, बादाम, पिस्ता जैसे अमृत फलों का सेवन करें.
  • खाने की वस्तु खाने से पूर्व अग्रासन के रूप में थोड़ा अलग रखें. खाने में तुलसीदल भी रखें.
  • द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को मिष्ठान्न, दक्षिणा देना चाहिए.

कहा जाता है कि जो भी मनुष्य पूरे विधि-विधान के साथ नियम पूर्वक एकादशी का व्रत करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उसके समस्त पापों का नाश होता है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2019 08:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).