Meerabai Jayanti 2022 Wishes: मीराबाई जयंती की इन WhatsApp Stickers, GIF Greetings, Wallpapers, Images के जरिए दें बधाई
मीरा बाई बचपन से ही श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हो गई थीं और बचपन से लेकर युवावस्था और अपनी मृत्यु तक उन्होंने श्रीकृष्ण को ही अपना सर्वस्व माना. कान्हा की भक्ति में अपना पूरा जीवन बिताने वाली मीराबाई की जयंती पर आप इन विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स और इमेजेस को भेजकर अपनों को बधाई दे सकते हैं.
Meerabai Jayanti 2022 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) यानी कोजागरी पूर्णिमा (Kojagiri Purnima) के दिन भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shree Krishna) की भक्ति में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाली मीराबाई की जयंती (Meerabai Jayanti) मनाई जाती है. आज (9 अक्टूबर 2022) को मीराबाई की जयंती मनाई जा रही है. वैसे तो मीराबाई की वास्तविक जन्मतिथि का कोई ऐतिहासिक स्रोत उपलब्ध नहीं है, लेकिन कई धार्मिक ग्रंथों और स्रोतों के मुताबिक 16वीं शताब्दी में करीब 1498-1546 के बीच उनका जन्म हुआ था. मीराबाई (Meerabai) जोधपुर के मेड़ता महाराज के छोटे भाई रतन सिंह की इकलौती संतान थीं. कहा जाता है कि जब वो दो साल की हुईं तो उनकी माता का निधन हो गया था, जिसके बाद उनके दादा राव दूदा ने उनका पालन-पोषण किया.
मीराबाई बचपन से ही श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हो गई थीं और बचपन से लेकर युवावस्था और अपनी मृत्यु तक उन्होंने श्रीकृष्ण को ही अपना सर्वस्व माना. कान्हा की भक्ति में अपना पूरा जीवन बिताने वाली मीराबाई की जयंती पर आप इन विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स और इमेजेस को भेजकर अपनों को बधाई दे सकते हैं.
1- प्रभु की भक्ति में डूबकर,
मीरा खुद को भुल गईं,
प्रेम सीढ़ी लगाकर,
वे प्रभु संग झुम गईं...
मीरा बाई जयंती की शुभकामनाएं

2- मैं नहीं राधा जिसे कृष्ण के नाम से जुड़ने का मान मिला,
मैं नहीं रुक्मिणी जिसे अर्द्धांगिनी का स्थान मिला,
मैं वही मीरा हूं जिसका प्रेम पागलपन कहलाया,
भगवान से तुम्हें प्रेम कैसा यह सवाल पूरी दुनिया ने किया.
मीरा बाई जयंती की शुभकामनाएं

3- मैं मीरा हूं मोहन की,
मैं जोगन हूं कान्हा की
मीरा बाई जयंती की शुभकामनाएं

4- त्याग कर सारा राज-पाठ,
वैराग्य जीवन को अपनाया,
खोकर अपनी सुध-बुध सारी,
कृष्ण भक्ति को रोम-रोम में बसाया.
मीरा बाई जयंती की शुभकामनाएं

5- मीरा परम प्रेम ज्ञान,
राधा से तुलना हो जिनकी,
दोनों हैं एक समान,
श्याम रहते हैं हृदय में जिनके.
मीरा बाई जयंती की शुभकामनाएं

ऐसा माना जाता है कि मीराबाई बचपन से ही कान्हा को अपना पति मानती थीं, इसलिए वो किसी और से विवाह तक नहीं करना चाहती थीं, बावजूद इसके घरवालों ने उनकी इच्छा के विरुद्ध जाकर उनका विवाह मेवाड़ के राजकुमार भोजराज के साथ कर दिया था. शादी के कुछ समय बाद ही उनके पति का निधन हो गया था और पति के निधन के बाद मीराबाई की कान्हा के प्रति भक्ति और बढ़ती ही चली गई. कहा जाता है कि जीवनभर कृष्ण भक्ति में लीन रहने वाली मीरा बाई की मृत्यु भी कान्हा की भक्ति करते हुए ही हुई थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 09, 2022 08:45 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

