Mattu Pongal 2026 Wishes: मट्टू पोंगल के इन हिंदी WhatsApp Stickers, GIF Greetings, Wallpapers, HD Images के जरिए दें शुभकामनाएं
मट्टू पोंगल 2026 (Photo Credits: File Image)

Mattu Pongal 2026 Hindi Wishes: नए साल के पहले त्योहार के तौर पर जहां देशभर में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है तो वहीं दक्षिण भारत में इस दिन पोंगल (Pongal) का त्योहार मनाया जाता है, जिसे नए साल के प्रतीक के तौर पर सेलिब्रेट किया जाता है. पोंगल को चार दिनों तक मनाया जाता है और इस उत्सव के तीसरे दिन मट्टू पोंगल (Mattu Pongal) मनाया जाता है. इस साल मट्टू पोंगल 16 जनवरी 2025 को मनाया जा रहा है, जो कि गाय-बैलों की पूजा-अर्चना को समर्पित है. इस दिन बैलों को स्नान करवाकर उन्हें तैयार किया जाता है. किसान अपने बैलों की सींग पर तेल लगाते हैं और उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाकर उनके गले में नई घंटियां बांधते हैं. बैलों को सजाने के अलावा पशु धन के तौर पर इस दिन गाय और उसके बछड़े की भी पूजा-अर्चना की जाती है. बैलों और पशु धन की पूजा करने के बाद उन्हें चावल, गन्ना, हल्दी और अदरक जैसी चीजें खिलाई जाती हैं.

मट्टू पोंगल को पारंपरिक तरीके से मनाने और इसकी शुभता बढ़ाने के लिए लोग अपने घरों के मुख्य द्वार पर रंगोली भी बनाते हैं. तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में पोंगल को धूमधाम से मनाया जाता है.ऐसे में मट्टू पोंगल के इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स, एचडी इमेजेस के जरिए आप अपनों को इसकी शुभकामनाएं दे सकते हैं. यह भी पढ़ें: Pongal 2026 Wishes: पोंगल के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए अपने प्रियजनों को दें शुभकामनाएं

1- मट्टू पोंगल की हार्दिक बधाई

मट्टू पोंगल 2026 (Photo Credits: File Image)

2- हैप्पी मट्टू पोंगल

मट्टू पोंगल 2026 (Photo Credits: File Image)

3- मट्टू पोंगल की शुभकामनाएं

मट्टू पोंगल 2026 (Photo Credits: File Image)

4- मट्टू पोंगल 2026

मट्टू पोंगल 2026 (Photo Credits: File Image)

5- शुभ मट्टू पोंगल

मट्टू पोंगल 2026 (Photo Credits: File Image)

गौरतलब है कि धान की फसल कटने की खुशी में किसानों द्वारा चार दिवसीय पोंगल पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जो मुख्य रूप से सूर्य देव और इंद्र देव को समर्पित पर्व है. मान्यता है कि पोंगल के दौरान सूर्य देव और इंद्र देव की पूजा करने से किसानों पर साल भर उनकी कृपा बनी रहती है, साथ ही बारिश और फसल अच्छी होती है. इस पर्व के तीसरे दिन विशेष रूप से बैलों और पशु धन की पूजा की जाती है. ज्ञात हो कि दक्षिण भारत में बैल को मट्टू कहा जाता है, जिसे भगवान शिव के वाहन नंदी से जोड़कर देखा जाता है. मट्टू पोंगल के दिन खेती और किसानों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बैलों की पूजा की जाती है.