Marathi Bhasha Din 2025 Marathi Wishes: मराठी भाषा गौरव दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा! शेयर करें ये शानदार Messages, WhatsApp Stickers, GIF Greetings और HD Images
मराठी भाषा के गौरव को बढ़ाने में विष्णु वामन शिरवाडकर ‘कुसुमाग्रज’ का अहम योगदान रहा है, इसलिए उनके सम्मान में उनकी जयंती को मराठी राजभाषा दिन या मराठी भाषा गौरव दिवस के तौर पर मनाया जाता है. ऐसे में आप मराठी के इन शानदार विशेज, मैसेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और एचडी इमेजेस के जरिए अपनों से मराठी भाषा गौरव दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा कह सकते हैं.
Marathi Bhasha Din 2025 Marathi Wishes: इसमें कोई दो राय नहीं है कि भारत में आम बोलचाल के लिए सबसे ज्यादा हिंदी भाषा का उपयोग किया जाता है, लेकिन हमारे देश में मराठी (Marathi) भाषा का उपयोग करने वालों की फेहरिस्त भी काफी लंबी है. देश में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में हिंदी और बंगाली के बाद मराठी तीसरे स्थान पर आती है. ऐसे में मराठी भाषा (Marathi Bhasha) के सम्मान और इसके गौरव को बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 27 फरवरी को मराठी भाषा दिन मनाया जाता है, जिसे 'मराठी भाषा गौरव दिवस' (Marathi Bhasha Gaurav Diwas) और 'मराठी राजभाषा दिवस' (Marathi Rajbhasha Diwas) के नाम से भी जाना जाता है. आपको बता दें कि मराठी राजभाषा दिवस को मराठी के प्रख्यात कवि विष्णु वामन शिरवाडकर ‘कुसुमाग्रज’ की जयंती पर मनाया जाता है. उनका जन्म 27 फरवरी 1912 को महाराष्ट्र के नासिक में हुआ था. कवि विष्णु वामन शिरवाडकर ‘कुसुमाग्रज’ को महान कवि, बेमिसाल नाटककार, उपन्यासकार, लघु कथाकार के तौर पर भी जाना जाता है.
मराठी भाषा के गौरव को बढ़ाने में विष्णु वामन शिरवाडकर ‘कुसुमाग्रज’ का अहम योगदान रहा है, इसलिए उनके सम्मान में उनकी जयंती को मराठी राजभाषा दिन या मराठी भाषा गौरव दिवस के तौर पर मनाया जाता है. ऐसे में इस बेहद खास अवसर पर आप मराठी के इन शानदार विशेज, मैसेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और एचडी इमेजेस के जरिए अपनों से मराठी भाषा गौरव दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा कह सकते हैं.
गौरतलब है कि जनसंख्या के अनुसार मराठी भाषा दुनिया में 10वें स्थान पर आती है और यह भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं में से भी एक है. देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले मराठी समुदाय के लोगों द्वारा मराठी बोली जाती है, जबकि यह गोवा की सह-राजभाषा है. इसके इतिहास की बात करें तो मराठी भाषा का इतिहास करीब 1500 साल से भी ज्यादा पुराना है, इसलिए इस भाषा के सम्मान में इस दिन को उत्सव के तौर पर धूमधाम से मनाया जाता है. मराठी भाषा महाराष्ट्र की राजभाषा है, लेकिन भाषा-वार प्रांतीयकरण के कारण मराठी महाराष्ट्र की भाषा बन गई.