Mahashivratri 2026 Messages: हैप्पी महाशिवरात्रि! इन हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Photo SMS के जरिए दें बधाई
महाशिवरात्रि के लिए मंदिरों को फूलों और लाइटों से सजाया जाता है. भक्त बेलपत्र, धतूरा, बेर और दूध लेकर शिवालयों में अपनी हाजिरी लगाते हैं. कई स्थानों पर भव्य 'शिव बारात' निकालने की भी परंपरा है, जिसमें नाचते-गाते भक्त महादेव के विवाह का उत्सव मनाते हैं. इसके साथ ही आप इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस के जरिए अपनों से हैप्पी महाशिवरात्रि कह सकते हैं.
Mahashivratri 2026 Messages in Hindi: हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पावन त्योहारों में से एक 'महाशिवरात्रि' (Mahashivratri) का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. साल 2026 में यह महापर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ही भगवान शिव (Bhagwan Shiv) और माता पार्वती (Mata Parvati) का विवाह संपन्न हुआ था. यही कारण है कि इसे शिव और शक्ति के मिलन की महान रात्रि के रूप में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. देशभर के शिवालयों में इस दिन भक्तों का तांता लगता है और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहता है.
महाशिवरात्रि पर वैसे तो पूरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ता है, लेकिन शास्त्रों में प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) और निशिता काल को पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है. ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात को जागरण कर चारों प्रहर में पूजा करने से साधक की सभी भौतिक और आध्यात्मिक मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जो भक्त रात भर जागकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं, उन्हें विशेष फल की प्राप्ति होती है.
महाशिवरात्रि के लिए मंदिरों को फूलों और लाइटों से सजाया जाता है. भक्त बेलपत्र, धतूरा, बेर और दूध लेकर शिवालयों में अपनी हाजिरी लगाते हैं. कई स्थानों पर भव्य 'शिव बारात' निकालने की भी परंपरा है, जिसमें नाचते-गाते भक्त महादेव के विवाह का उत्सव मनाते हैं. इसके साथ ही आप इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस के जरिए अपनों से हैप्पी महाशिवरात्रि कह सकते हैं.
यह महापर्व अलग-अलग वर्गों के लिए विशेष महत्व रखता है. कुंवारी कन्याएं सुयोग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत रखती हैं. विवाहित महिलाएं खुशहाल वैवाहिक जीवन और पति की दीर्घायु के लिए माता पार्वती की पूजा करती हैं. मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक और रुद्राभिषेक करने से जीवन के समस्त कष्टों और पापों का नाश होता है.