Mahalaya 2025 Messages: शुभ महालया! प्रियजनों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Wishes, GIF Greetings, Quotes और Photo SMS
मान्यता है कि अपने भक्तों की पुकार पर मां दुर्गा कैलाश पर्वत से यात्रा कर पृथ्वीवासियों के बीच रहने के लिए आती हैं. देवी दुर्गा के आह्वान और उनके धरती पर आगमन को महालया कहते हैं, इसलिए इसका काफी महत्व बताया जाता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, कोट्स और फोटो एसएमएस के जरिए प्रियजनों से शुभ महालया कह सकते हैं.
Mahalaya 2025 Messages in Hindi: आश्विन मास का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया जाता है, क्योंकि इस महीने में कृष्ण पक्ष के दौरान जहां पितृ पक्ष (Pitru Paksha) मनाया जाता है, तो वहीं इस महीने के शुक्ल पक्ष में मां दुर्गा (Maa Durga) की उपासना के पर्व शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) को धूमधाम से मनाया जाता है. वहीं आश्विन मास की अमावस्या काफी विशेष मानी जाती है, क्योंकि इस दिन सर्वपितृ अमावस्या (Sarv Pitru Amavasya) होती है और लोग अपने पितरों को विदाई देते हैं. उधर, देश में रहने वाले बंगाली समुदाय के लोग इस दिन महालया (Mahalaya) का पर्व मनाते हैं. इस साल महालया 21 सितंबर 2025 को है, जबकि 22 सितंबर 2025 से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. इस तिथि को दुर्गा पूजा (Durga Puja) और शारदीय नवरात्रि की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है. मां दुर्गा और शक्ति की उपासना करने वालों के लिए यह तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसी दिन भक्तों के आह्वान से देवी दुर्गा (Maa Durga) का धरती पर आगमन होता है.
मान्यता है कि अपने भक्तों की पुकार पर मां दुर्गा कैलाश पर्वत से यात्रा कर पृथ्वीवासियों के बीच रहने के लिए आती हैं. देवी दुर्गा के आह्वान और उनके धरती पर आगमन को महालया कहते हैं, इसलिए इसका काफी महत्व बताया जाता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, कोट्स और फोटो एसएमएस के जरिए प्रियजनों से शुभ महालया कह सकते हैं.





गौरतलब है कि महालया के अगले दिन घटस्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है. दुर्गा पूजा के त्योहार की शुरुआत का प्रतीक होने की वजह से महालया का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. इस दिन मां पार्वती अपने मायके आने के लिए कैलाश पर्वत से विदा लेती हैं, इसलिए इस दिन मां का आह्वान किया जाता है. महालया के दिन, सुबह पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है और शाम के समय, मां दुर्गा की पृथ्वी पर आने के लिए पूजा की जाती है. पश्चिम बंगाल में महालया का बहुत महत्व है, क्योंकि इस दिन से कलाकार देवी दुर्गा की प्रतिमाओं पर रंग चढ़ाते हैं, खासकर मां दुर्गा की आंखें गढ़ने के बाद उनमें रंग भरा जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

