Magh Bihu 2026 Wishes: माघ बिहू की हार्दिक बधाई! प्रियजनों संग शेयर करें ये शानदार WhatsApp Status, GIF Greetings, HD Images और Wallpapers
माघ बिहू 2026 (Photo Credits: File Image)

Magh Bihu 2026 Wishes in Hindi: असम का सबसे महत्वपूर्ण और रंगीन उत्सव 'माघ बिहू' (Magh Bihu) को भोगाली बिहू (Bhogali Bihu) के नाम से भी जाना जाता है. इस साल 15 जनवरी 2026 को पूरे जोश और उत्साह के साथ माघ बिहू का पर्व मनाया जा रहा है. यह त्योहार फसल कटाई के मौसम के समापन का प्रतीक है और अग्नि देव को समर्पित है. जब देश के अन्य हिस्सों में मकर संक्रांति (Makar Sankranti), पोंगल (Pongal) या लोहड़ी (Lohri) मनाई जाती है, तब असम के लोग अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वादिष्ट पकवानों के साथ भोगली बिहू का आनंद लेते हैं. हिंदू पंचांग और सौर कैलेंडर के अनुसार, माघ बिहू माघ महीने के पहले दिन मनाया जाता है. माघ बिहू का असली जश्न इसकी पूर्व संध्या 'उरुका' से शुरू होता है. इस रात लोग खुले खेतों में बांस, फूस और सूखी लकड़ियों से अस्थायी झोपड़ियां बनाते हैं, जिन्हें 'भेलाघर' कहा जाता है. उरुका की रात पूरे गांव या समुदाय के लोग एक साथ मिलकर दावत का आयोजन करते हैं. रात भर भेलाघर में लोक गीत और नृत्य के साथ जश्न मनाया जाता है.

बिहू की सुबह का सबसे पवित्र हिस्सा 'मेजी' जलाना है. 15 जनवरी की तड़के, स्नान करने के बाद लोग भेलाघर और मेजी (ऊंचे लकड़ी के ढेर) में अग्नि प्रज्वलित करते हैं, फिर अग्नि देव को तिल, पीठा और अन्य खाद्य पदार्थ आग में अर्पित करते हैं, साथ ही शुभकामनाओं का आदान-प्रदान होता है. ऐसे में आप भी इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए माघ बिहू की हार्दिक बधाई दे सकते हैं. यह भी पढ़ें: Makar Sankranti Date Science: क्या हर साल 14 जनवरी को ही मनाई जाती है मकर संक्रांति? जानें इसके पीछे का खगोलीय विज्ञान और इतिहास

1- भोगाली बिहू की शुभकामनाएं

माघ बिहू 2026 (Photo Credits: File Image)

2- भोगाली बिहू 2026

माघ बिहू 2026 (Photo Credits: File Image)

3- माघ बिहू की हार्दिक बधाई

माघ बिहू 2026 (Photo Credits: File Image)

4- हैप्पी माघ बिहू

माघ बिहू 2026 (Photo Credits: File Image)

5- माघ बिहू की शुभकामनाएं

माघ बिहू 2026 (Photo Credits: File Image)

'भोगाली' शब्द का अर्थ है 'भोग' या आनंद लेना. इस दिन असमिया घरों में चावल के आटे व तिल-गुड़ से तिल पीठा बनाया जाता है. इसके साथ ही नारियल- तिल के लड्डू और दही चुड़ा जैसे विभिन्न तरह के पकवान बनाए जाते हैं. माघ बिहू पर असम के ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जाता है, जो इस उत्सव के आकर्षण को दोगुना कर देते हैं. इसमें 'टेकली भोंगा' (घड़ा फोड़ना), भैंसों की लड़ाई (Moh-juj) और मुर्गों की लड़ाई जैसे खेल शामिल हैं.